भोपाल, 3 जुलाई (आईएएनएस)। पेड न्यूज के मामले में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा तीन साल के लिए चुनाव लड़ने में अयोग्य ठहराए गए मध्यप्रदेश के जनसंपर्क और विधि विधायी मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने आयोग के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा, “मैं अभी भी विधायक और मंत्री हूं।”
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में मंत्री मिश्रा भी शामिल हुए और बैठक के बाद उन्होंने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी संवाददाताओं को दी।
संवाददाताओं ने जब उनसे निर्वाचन आयोग के फैसले पर सवाल किया, तो उनका जवाब था, “आयोग को इस तरह का फैसला लेने का अधिकार नहीं है, यह बात विधानसभाध्यक्ष भी कह चुके हैं, वर्तमान में मैं विधायक और मंत्री भी हूं।”
उन्होंने आयोग की प्रक्रिया और फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग को मामले की जानकारी विधानसभा अध्यक्ष को जानकारी देनी चाहिए, विधानसभा अध्यक्ष विधि विशेषज्ञों से परामर्श कर उसे कैबिनेट को भेजें और कैबिनेट राज्यपाल को भेजें, ऐसा होना चाहिए। फिलहाल यह मामला उच्च न्यायालय में लंबित है।
नरोत्तम मिश्रा वर्ष 2008 में दतिया क्षेत्र से विधानसभा चुनाव जीते थे। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी राजेंद्र भारती ने वर्ष 2009 में निर्वाचन आयोग में शिकायत कर चुनाव खर्च का सही ब्योरा न देने और पेड न्यूज छपवाने का आरोप लगाया था। मामला उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के बाद निर्वाचन आयोग तक पहुंचा। आयोग ने भारती की शिकायत को सही पाते हुए मिश्रा को फैसले की तारीख से तीन साल के लिए चुनाव लड़ने में अयोग्य ठहराया है।
आयोग के फैसले के खिलाफ मिश्रा ने ग्वालियर उच्च न्यायालय की खंडपीठ में याचिका दायर की है, वहीं भारती ने केविएट दायर की है। सुनवाई पांच जुलाई को होगी।
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