चंडीगढ़, 5 जुलाई (आईएएनएस)। पंजाब के मेडिकल शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा ने बुधवार को राज्य में काम कर रहे फर्जी डिग्री रैकेट का पता लगाने के लिए सतर्कता जांच के आदेश दिए।
फरीदकोट में बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस (बीएफयूएचएस) के नाम पर बैचलर ऑफ आयुर्वेद चिकित्सा एवं सर्जरी (बी.ए.एम.एस) के फर्जी प्रमाणपत्र और फर्जी डिग्री देने की शिकायतों के बाद इस जांच के आदेश दिए गए।
सरकारी प्रवक्ता ने यहां एक बयान में कहा, “फर्जी प्रमाणपत्रों और फर्जी डिग्री के मामले को रजिस्ट्रार ऑफ बोर्ड आयुर्वेदिक एंड यूनानी सिस्टम ऑफ मेडिसिन पंजाब द्वारा उस समय पता लगाया गया, जब गुरुदासपुर के राजेश कुमार अपने 10,967 नंबर से पंजीकृत, एक रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र का नवीकरण कराने के लिए बोर्ड के कार्यालय गए थे। रजिस्ट्रार संजीव गोयल ने उनके प्रमाणपत्रों को फर्जी पाया क्योंकि बिल्कुल यही पंजीकृत नंबर पठानकोट जिले की सोनम धिमान के नाम से पंजीकृत था।”
मंत्री मोहिंद्रा ने कहा कि यह फर्जीवाड़ा बहुत ही व्यापक स्तर पर दिखाई देता है और इसका पता लगाया जाएगा और अपराधी पर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग उम्मीदवारों को धोखा दे रहे हैं और निर्दोष लोगों के जीवन और स्वास्थ्य को खतरे में डाल रहे हैं।
प्रवक्ता ने कहा, “मंत्री ने यहां तक शक जताया कि ये तत्व राज्य में मादक पदार्थो को फैलाने के सूत्र हो सकते हैं।”
इन फर्जी प्रमाणपत्रों को होशियारपुर के एक संस्थान द्वारा जारी किया गया है।
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