ईटानगर, 5 जुलाई (आईएएनएस)। अरुणाचल प्रदेश में मंगलवार को लापता हुए भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के हेलीकॉप्टर के संभावित मलबे बुधवार को पता चल गया, लेकिन इसके चालक दल के तीन सदस्यों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।
राज्य पुलिस प्रमुख संदीप गोयल ने आईएएनएस से कहा, “पपुम पारे ग्रामीण जिले में युपिया व होज तेलम के बीच हेलीकॉप्टर का मलबा देखा गया है। हालांकि, हमें अभी यह पुष्टि करनी है कि यह मलबा लापता आईएएफ के हेलीकॉप्टर का है।”
उन्होंने कहा कि चालक दल के तीन सदस्यों के बारे में कुछ पता नहीं चल सका है।
तेजपुर स्थित रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल सम्बित घोष ने कहा कि आईएएफ ने एक हवाई सर्वेक्षण किया, जिसमें कोई चीज देखी गई है, जो हेलीकॉप्टर हो सकता है।
घोष ने आईएएनएस से कहा, “हम आप को अभी किसी चीज की पुष्टि नहीं कर सकते। पहले बचाव व खोज अभियान के दल को घटनास्थल पर पहुंचने दीजिए और पता करने दीजिए कि यह क्या है।”
इस बीच सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस व पुलिस की की बचाव टीमें चालक दल के सदस्यों की तलाश कर रहे हैं और अंधेरा होने के बाद हेलीकॉप्टर ने अपना अभियान निलंबित कर दिया।
आईएएफ का उन्नत हल्का हेलीकॉप्टर (एएलएच) राज्य में बाढ़ बचाव कार्यो में लगा हुआ था। यह हेलीकॉप्टर मंगलवार को अपराह्न 3.50 बजे लापता हो गया।
यह हेलीकॉप्टर भारी बारिश के बाद जमीन धंसने की वजह से सांगली और डमबुक में फंसे लोगों को निकालने का काम कर रहा था।
रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल सम्बित घोष ने कहा कि हेलीकॉप्टर मंगलवार सुबह जोरहट स्थित अपने ठिकाने से बाढ़ बचाव कार्यो में शामिल होने के लिए रवाना हुआ था।
पपुम पारे जिले के अधिकारी जे. पर्टिन ने आईएएनएस से कहा, “अज्ञात कारणों से नहरलागुन में अपनी छठी उड़ान में चालक दल के सदस्यों ने अंतिम समूह के नौ नागरिकों को नहीं लिया और सागली से एक पुलिसकर्मी के साथ उड़ान भरी, जिसे चालक दल के दो सदस्यों की मदद के लिए तैनात किया गया था और फिर लापता हो गया।”
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