सपा के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा, “चंद्रशेखर समाजवादी विचारधारा के बड़े नेता थे। जयप्रकाश नारायण की गिरफ्तारी की जानकारी होने पर कांग्रेसी सांसद होने के बाद भी चंद्रशेखर ने संसद मार्ग थाने से गिरफ्तारी दी। वे पूंजीवाद के प्रबल विरोधी थे। उन्होंने अपने जीवन में विचारधारा से हटकर कभी समझौता नहीं किया।”
उन्होंने कहा, “वर्तमान दौर में उनकी विचारधारा और उनके कार्यक्रमों को सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव आगे ले जाने का काम कर रहे हैं। आचार्य नरेंद्र देव, डॉ. लोहिया और चंद्रशेखर के समाजवादी रास्ते पर अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी चल रही है। सामाजिक विषमता और आर्थिक गैर-बराबरी के विरुद्ध समाजवादी विचारधारा ही विकल्प है। समाजवादी व्यवस्था में सांप्रदायिकता और पूंजीवाद के लिए कोई स्थान नहीं हो सकता। सांप्रदायिकता और समाजवाद एक साथ नहीं चल सकता।”
चौधरी ने कहा कि आज जब देश में पूंजीवादी ताकतों और सांप्रदायिकता से लड़ने की सबसे अधिक जरूरत दिखाई दे रही है। ऐसे में नौजवानों को चंद्रशेखर के बारे में जानना चाहिए। साथ ही उनकी ‘जेल डायरी’ और ‘यंग इंडिया’ के माध्यम से संघर्ष एवं विचार की समझ बढ़ानी चाहिए।
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