कोलकाता, 9 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल पुलिस का कहना है कि एक फेसबुक पोस्ट की वजह से तीन जुलाई को सांप्रदायिक दंगे का शिकार बना पश्चिम बंगाल का बदुरिया रविवार को सामान्य जीवन की तरफ लौटता हुआ दिखा।
उत्तरी 24 परगना जिले के आसपास के इलाकों में भी शांति रही।
बदुरिया पुलिस थाने के एक अधिकारी ने कहा, “अब स्थिति शांतिपूर्ण है। बदुरिया, बसीरहाट, स्वरूपनगर व देगंगा इलाकों में हिंसा की कोई घटना नहीं हुई है।”
हालांकि, इंटरनेट सेवाएं इलाके में बंद रहीं।
राज्य सरकार ने शनिवार को बसीरहाट में सांप्रदायिक हिंसा को लेकर न्यायिक जांच के आदेश दिए। साथ ही कई पुलिस अफसरों के तबादले किए।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य सचिवालय नबाना में शनिवार को मीडिया से कहा, “हम कानून के मुताबिक निष्पक्ष कार्रवाई करने के लिए बदुरिया-बसीरहाट की घटना की न्यायिक जांच करेंगे। हम जानना चाहते हैं कि हिंसा में कौन सी ताकतें शामिल हैं। हम अफवाहों को फैलाने में मीडिया की भागीदारी की भी जांच करेंगे।”
ममता ने कहा कि राज्य न्यायिक आयोग को सभी तरह की सूचनाएं मुहैया कराएगा।
ममता ने हिंसा के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया है। ममता ने केंद्र पर अंतर्राष्ट्रीय सीमा की रक्षा के लिए अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाने को लेकर हमला किया।
भारतीय जनता पार्टी की सांसद मीनाक्षी लेखी, ओम माथुर व सत्यपाल सिंह यहां शनिवार को पहुंचे। वह सीधे बसीरहाट जा रहे थे, लेकिन उपसंभागीय कस्बे माइकलनगर के बाहरी भाग में उन्हें रोक दिया गया।
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