योगी ने कहा, “विकास की प्रक्रिया को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने के लिए जरूरी है कि जनसंख्या नियंत्रित हो। आज पूरा विश्व इस संकट को झेल रहा है। स्वस्थ समाज, सुखी परिवार के लिए जनसंख्या नियंत्रण करना होगा क्योंकि आबादी का विस्फोट कई तरह के संकट खड़े कर रहा है।”
उन्होंने कहा, “संसाधनों की सीमा होती है। अगर आबादी नहीं रुकी तो समुचित विकास की अवधारणा फेल हो जाएगी। विकास को सभी तक पहुंचाने के लिए जनसंख्या अनुपात बना रहना जरूरी है। अगर जनसंख्या नियंत्रण नहीं हुआ तो खाद्यान्न संकट आएगा।”
जन जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जनसंख्या नियंत्रण जागरूकता से होगा, जबरदस्ती नहीं। इस मुद्दे पर विभिन्न समाज के धर्मगुरुओं के सहयोग से सभी को जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा। परिवार कल्याण विभाग भी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से इस दिशा में काम कर रहा है। जनसंख्या कम करके ही विकास ज्यादा किया जा सकता है।”
योगी ने कहा कि परिवार की खुशहाली के लिए जनसंख्या स्थिरता जरूरी है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने परिवार विकास मिशन के तहत सारथी नामक प्रचान वाहनों को हरी झंडी दिखाई। यह सारथी प्रचार वाहन प्रदेश के 57 जिलों में जाएंगे और लोगों को जनसंख्या नियंत्रण के बाबत जागरूक करेंगे।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा जारी ‘नई पहल’ का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत नवविवाहितों को किट दी जाएगी, जिसमें एक जूट का बैग, वैनिटी पाउच, परिवार नियोजन के अस्थाई साधन एवं मार्गदर्शक पुस्तिका तथा नवदंपति के नाम एक पत्र दिया जाएगा।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, रीता बहुगुणा जोशी, महेंद्र सिंह और स्वाति सिंह के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
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