सिंह ने कहा, “प्रदेश में शव वाहन की नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध होने के बाद भी कई अस्पतालों में अमानवीय रुख अपनाते हुए मृतक के परिवार को यह सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। इसके चलते मृतक के परिजन शवों को साइकिल या अन्य माध्यमों से सरकारी अस्पतालों से अपने गंतव्य स्थान तक ले जाते हैं, जिससे विभाग की छवि धूमिल होती है।”
स्वास्थ्य मंत्री ने समस्त संबंधित अधिकारियों को चिकित्सालयों में शव-वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने आगाह किया कि लापरवाही की स्थिति में जिले के संबंधित मुख्य चिकित्सा अधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक व्यक्तिगत रूप से उत्तरदाई होंगे।
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