नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन द्वारा हाल ही में शुरू की गई ‘आओ स्कूल चलें’ परियोजना को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने का निश्चय किया है। इसके तहत स्कूली बच्चों को विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति संवेदनशील बनाने हेतु स्कूलों में व्याख्यान और जागरूकता अभियान आयोजित किए जाएंगे।
आईएमए के अध्यक्ष डॉ. के.के. अग्रवाल ने कहा, “स्कूलों में स्वास्थ्य विषय बहुत ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि स्कूल सिर्फ औपचारिक शिक्षा प्रदान करने वाले स्थान नहीं होते, बल्कि एक बच्चे के समग्र विकास को भी प्रभावित करते हैं। वयस्क होने के दौरान अच्छे स्वास्थ्य का आनंद लेने के लिए, स्वस्थ आदतों सहित स्वस्थ जीवनशैली का विकास बचपन से ही होना चाहिए। बचपन में सीखी गई अच्छी आदतें पूरे जीवन भर साथ देती हैं। इस प्रकार, बच्चे न केवल किसी स्वास्थ्य योजना के लाभार्थी होते हैं, बल्कि अपने परिवार में नए परिवर्तन के एजेंट भी बन सकते हैं।”
आंकड़ों के अनुसार, देश की लगभग 60 प्रतिशत आबादी 45 साल से कम उम्र वालों की है, जिसमें स्कूली बच्चे भी शामिल हैं।
इस परियोजना के तहत, हर महीने के 5वें दिन कोई न कोई गतिविधि आयोजित की जाएगी। आईएमए ने हमेशा ही स्कूलों में सार्वजनिक स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करने के महत्व पर बल दिया है और यह उसी दिशा में एक कदम है।
स्कूल स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कम करने में भी मदद मिल सकती है, जैसे कि तंबाकू का सेवन, कुपोषण, शारीरिक गतिविधियों की कमी, दवा और शराब का सेवन आदि। स्कूलों में गुणवत्ता वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करना और बच्चों व किशोरों के बीच सकारात्मक स्वास्थ्य व्यवहार को बढ़ावा देना जरूरी है।
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