पणजी, 28 जुलाई (आईएएनएस)। गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री प्रतापसिंह राणे ने शुक्रवार को कहा कि वह राज्य में भाजपा की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार के मौजूदा स्वास्थ्य मंत्री व अपने बेटे विश्वजीत राणे के खिलाफ आगामी विधानसभा उपचुनाव में प्रचार नहीं करेंगे। इससे कांग्रेस से झटका लगता दिख रहा है।
गोवा विधानसभा के जारी मानसून सत्र से इतर राणे ने आईएएनएस से कहा, “परिवार राजनीति से ज्यादा महत्वपूर्ण है।”
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और गोवा के सबसे ज्यादा समय से कांग्रेस के विधायक ने कहा, “देश में ऐसे कई मामले हैं जिसमें एक ही परिवार के सदस्यों ने अलग-अलग पार्टियों के टिकट पर चुनाव लड़ा है।”
राणे के बेटे विश्वजीत ने इस साल वालपोई विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीता था, लेकिन वह बाद में भाजपा में चले गए और गठबंधन सरकार में स्वास्थ्य मंत्री के तौर पर शामिल हुए। इसी वजह से वालपोई में उपचुनाव हो रहे हैं।
विपक्षी कांग्रेस के नेता चंद्रकांत कावलेकर ने कहा कि पार्टी राणे के फैसले का सम्मान करती है।
कावलेकर ने कहा, “यह एक व्यक्तिगत मामला है। हम उन्हें प्रचार के लिए बाध्य नहीं करना चाहते हैं।”
भाजपा के प्रवक्ता माइकल लोबो ने कहा कि पार्टी को जीत का पूरा भरोसा है, चाहे प्रतापसिंह राणे प्रचार करें या नहीं करें।
उन्होंने कहा, “विश्वजीत के लोगों से अच्छे संबंध हैं। यह मायने नहीं रखता कि उनके पिता प्रचार करते हैं या नहीं करते हैं।”
गोवा में वालपोई व पणजी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में अगस्त में उप चुनाव होने हैं। पणजी से मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के चुनाव लड़ने की उम्मीद है। पर्रिकर अभी भी उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के सदस्य हैं।
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