श्रीनगर, 29 जुलाई (आईएएनएस)। सेना ने शनिवार को स्पष्ट किया कि माछिल फर्जी मुठभेड़ के आरोपियों की सजा निलंबित कर उन्हें जमानत देने में सैन्य अदालत की कोई भूमिका नहीं है।
श्रीनगर, 29 जुलाई (आईएएनएस)। सेना ने शनिवार को स्पष्ट किया कि माछिल फर्जी मुठभेड़ के आरोपियों की सजा निलंबित कर उन्हें जमानत देने में सैन्य अदालत की कोई भूमिका नहीं है।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने यहां कहा कि नई दिल्ली के सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (एएफटी) ने माछिल फर्जी मुठभेड़ के आरोपियों के खिलाफ सजा निलंबित कर दी है और उन्हें जमानत दे दी, जबकि सैन्य अदालत की सजा निलंबित करने में कोई भूमिका नहीं है।
सेना के पांच जवानों को एक फर्जी मुठभेड़ का दोषी पाया गया था। मुठभेड़ में तीन निहत्थे नागरिकों को विदेशी आतंकवादी बताकर उन्हें कुपवाड़ा जिले में नियंत्रण रेखा के माछिल सेक्टर में 2010 में मार गिराया गया था।
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