मुंबई, 31 जुलाई (आईएएनएस)। अपनी फिल्मों में एक साथ कई कलाकारों को लेने वाले लेखक व निर्देशक अनीस बज्मी मानते हैं कि इस तरह की फिल्में लिखने का मुख्य फार्मूला प्रत्येक किरदार को समान महत्व देना है और किसी व्यक्ति को जिंदगी जो सिखाती है, उसकी जगह कोई नहीं ले सकता।
हाल ही में रिलीज हुई उनकी फिल्म ‘मुबारकां’ एक अच्छी कॉमेडी फिल्म साबित हुई है।
सामान्य जीवन से हटकर इस तरह की सदाबहार किरदारों वाली फिल्में बनाने संबंधी सवाल पूछे जाने पर अनीस ने आईएएनएस से कहा, “एक बच्चे के रूप में फिल्म को देखना मेरे लिए हमेशा एक अच्छा अनुभव रहा। आम जीवन से अलग सिनेमा का प्रभाव, बड़े पर्दे पर इस तरह की फिल्म को देखना एक बच्चे के रूप में मुझे आकर्षित करता था। शायद यह मेरी फिल्मों में दिखता है। पागलपन की दुनिया, जो मैं अपनी सभी फिल्मों में रखता हूं।”
उन्होंने कहा, “एक फिल्म निर्देशक के रूप में मैं पागलपन को संभाल सकता हूं, क्योंकि मुझे कुछ कल्पना करने का अनुभव है। मैं मानता हूं कि यह महत्वपूर्ण है.. असल जिंदगी का अनुभव.. ईमानदारी से कहूं तो असल जिंदगी के अनुभव का कोई शॉर्टकट नहीं है।”
‘मुबारकां’ फिल्म में अनिल कपूर, अर्जुन कपूर, इलियाना डिक्रूज और अथिया शेट्टी प्रमुख किरदारों में हैं।
अपनी फिल्मों में प्रत्येक किरदारों को इस तरह से प्रमुखता देने संबंधी सवाल पर बज्मी ने कहा, “यह लिखने की कला है, जो मैंने लगभग 35 फिल्मों को लिखने के दौरान सीखी है। प्रत्येक किरदार को कहानी के वर्णन में कुछ जोड़ता हुआ होना चाहिए।”
बज्मी ने फिल्मों में अपने करियर की शुरुआत दिग्गज राजकपूर के जूनियर सहायक के रूप में की थी इसके अलावा उन्होंने डेविड धवन और राकेश रोशन जैसे फिल्म निर्देशकों के लिए पटकथाएं लिखीं।
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