रक्षाबंधन के पावन अवसर पर इस वर्ष मेडिकल कॉलेज अस्पताल में यह अनूठा आयोजन हुआ। इस आयोजन से जहां कुष्ठ रोगियों को समाज में समान अधिकार मिलेगा तो वहीं लोगों के मन में बसी गलत भ्रांति और डर भी दूर होगा।
सोमवार को सुबह-सुबह ही अस्पताल के सभागृह में रक्षाबंधन के गाने गूंज उठे। सरगुजा जिले से पहुंचे कई कुष्ठ रोगियों को कलेक्टर सरगुजा किरण कौशल ने परंपरागत तरीके से राखी बांधी। मरीजों ने भी रक्षाबंधन के इस अवसर पर कलेक्टर को उपहार दिया। इस आयोजन में कई अन्य प्रशासनिक अधिकारी सामने आए और कुष्ठ रोग से ग्रसित लोगों से राखी बंधवाई।
कलेक्टर किरण कौशल ने कहा कि निश्चित तौर पर यह कार्यक्रम कुष्ठ रोगियों को समाज में एक अलग मुकाम दिलाने मील का पत्थर साबित होगा। कोई भी कुष्ठ रोगी दवाओं के माध्यम से ठीक हो सकता है और एक सामान्य जिंदगी जी सकता है। कुष्ठ रोग को लेकर समाज में जितनी भी भ्रांति है वह गलत है। राखी का त्यौहार और यह आयोजन इस भ्रांति को मिटाता है।
उन्होंने उपस्थित मरीजों से कहा कि अपनी बीमारी छुपाएं नहीं, बल्कि स्वास्थ्य केंद्र जाएं। कुष्ठ कोई छुआछूत की बीमारी नहीं है। आयोजन में उपस्थित सहायक नितिन गौर ने कहा कि समाज में लोग जिस तरह से अपने करीबी रिश्तेदारों के साथ व्यवहार करते हैं, उसी तरह से कुष्ठ रोगियों के साथ व्यवहार करें और उन्हें आगे बढ़ने का मौका दें। इस प्रकार के आयोजन से उनका मनोबल बढ़ता है।
आयोजन में सीएमओ डॉ. एनके पांडेय, मेडिकल कॉलेज अधीक्षक प्रभारी डॉ. आरएन गुप्ता, डॉ. जे.के. रेलवानी, डॉ. भूटानी, जिला क्षय अधिकारी डॉ. पीके सिन्हा, सुशील तिवारी, स्टुवर्ट अमरनाथ कश्यप सहित अन्य अधिकारियों ने कुष्ठ रोगियों को राखी बांधी व बंधवाई। इस दौरान मरीजों को मिठाई खिलाई गई।
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