नई दिल्ली, 24 अगस्त (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय के निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार घोषित करने के फैसले का स्वागत करते हुए उद्योग संगठन नैसकॉम और डेटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया ने कहा है कि यह फैसला नागरिकों की निजता की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा तथा डिजिटल सेवाओं में उनके भरोसे में वृद्धि करेगा।
नैसकॉम के अध्यक्ष आर. चंद्रशेखर ने कहा, “यह ऐतिहासिक फैसला नागरिकों की निजता को सुनिश्चित करेगा, जो हमारी तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख सिद्धांत है। इसके अलावा यह डिजिटल सेवाओं में नागरिकों के भरोसे को पुख्ता करेगा, जो व्यापक रूप से डिजिटलीकरण की पूर्व शर्त है। यह फैसला वैश्विक सोर्सिग के एक आकर्षक गंतव्य के रूप में भारत का आकर्षण और बढ़ाएगा।”
सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार करार देते हुए कहा कि यह जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार का मौलिक अंग है।
प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति जे. एस. खेहर की अध्यक्षता में सर्वोच्च न्यायालय की 9 सदस्यीय संविधान पीठ के इस फैसले से केंद्र सरकार की आधार योजना की वैधता को चुनौती दी जा सकती है।
डेटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामा वेदाश्री ने कहा, “हमने हमेशा देश में मजबूत डेटा सुरक्षा की वकालत की है। इस फैसले से उद्योग के प्रयास को मजबूती मिली है।”
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