बागपत/लखनऊ, 14 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के बागपत में गुरुवार की सुबह यमुना नदी में एक नाव पलट गई, जिसमें कम से कम 22 लोगों की डूबने से मौत हो गई। जिलाधिकारी का कहना है कि नाव पर लगभग 60 लोग सवार हो गए थे। इनमें ज्यादातर मजदूर थे।
बागपत/लखनऊ, 14 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के बागपत में गुरुवार की सुबह यमुना नदी में एक नाव पलट गई, जिसमें कम से कम 22 लोगों की डूबने से मौत हो गई। जिलाधिकारी का कहना है कि नाव पर लगभग 60 लोग सवार हो गए थे। इनमें ज्यादातर मजदूर थे।
जिलाधिकारी भवानी सिंह ने आईएएनएस को बताया कि 22 लोगों के डूबने की खबर है। पुलिस और प्रांतीय सशस्त्र पुलिस दल (पीएसी) गोताखोरों ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। जिन लोगों को बचाया गया है, उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि नाव पर क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने के बावजूद उसे चलाने की अनुमति दिए जाने की वजह से लोगों में गुस्सा है, गांव वालों ने हाईवे जाम कर दिया और कुछ गाड़ियों में आग लगा दी।
जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों ने भीड़ को शांत करने का प्रयास किया। लोग शवों को पोस्टमार्टम के लिए नहीं ले जाने दे रहे थे।
स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि नाव पर 60 से अधिक लोग सवार थे। लोगों को अपने काम पर जाने की जल्दी थी। नाव पर सवार मजदूरों को कथित तौर पर हरियाणा जाना था।
उधर, पुलिस महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था) हरिराम शर्मा ने शास्त्री भवन में पत्रकारों को बताया कि उन्हें इस हादसे में 19 लोगों की मौत की जानकारी मिली है। यह हादसा बागपत जिले में कांठा गांव के पास हुआ। नाव में लगभग 40 लोग सवार थे। ये लोग यमुना नदी पार कर खेतों में मजदूरी करने के लिए हरियाणा जा रहे थे।
उन्होंने बताया कि सुबह लगभग 6़ 45 बजे नाव बीच नदी में ही अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसमें 13 महिलाओं एवं 6 पुरुष सहित 19 लोगों की इस हादसे में डूबने से मौत हो गई। 8 लोगों को उपचार के लिए मेरठ भेजा गया है जबकि, 3 लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शर्मा ने बताया कि अब तक 10 लोगों को सकुशल बचाया गया है और बाकी लोगों की तलाश की जा रही है। नाव का मालिक रिजवान नाव छोड़कर भाग गया है।
उन्होंने बताया कि इस हादसे के बाद लोगों ने दिल्ली-सहारानपुर हाईवे जाम कर दिया। इस दौरान लोगों ने कई वाहनों में तोड़फोड़ भी की। महिला हेल्पलाइन की एक गाड़ी में आग लगा दी गई। इसको लेकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
सूचना विभाग के उप्रप्रमुख सचिव अवनीश अवस्थी ने बताया कि हादसे को संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़ितों की मदद करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
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