मंगलवार रात को बाराबंकी के जेल अधीक्षक उमेश कुमार सिंह नशे की हालत में कारागार एवं लोक सेवा प्रबंधक राज्यमंत्री जय कुमार सिंह से मिलने डालीबाग स्थित उनके आवास पहुंचा और जरूरी काम कहते हुए राज्य मंत्री से मिलने की बात कही। मंत्री ने उन्हें कमरे में बुलाया, लेकिन जेल अधीक्षक को नशे में देख फटकारा और सुरक्षाकर्मियों से उसे बाहर निकालने के लिए कहा।
इस पर उमेश कुमार वहीं मेज पर एक लिफाफा छोड़ कर भाग निकले। वहां मौजूद एक कर्मचारी विख्यात वर्मा ने लिफाफा खोला तो उसमें 2000 व 500-500 रुपये के नोटों के रूप में 50 हजार रुपये थे। मंत्री ने पुलिस अधिकारियों से इस बारे में शिकायत की।
इस मामले में बुधवार देर रात कारागार राज्य मंत्री के गनर सौरभ कुमार ने कोतवाली तहरीर दी। तहरीर पर हजरतगंज कोतवाली में भ्रष्टाचार अधिनियम (60/13) के तहत एफआईआर लिखी गई है। इस एफआईआर के बारे में शासन को भी अवगत करा दिया गया है। इस मामले में जेल अधीक्षक बाराबंकी से सम्पर्क नहीं हो सका।
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