राज्यपाल ने कहा कि उर्दू जानने वाले नया दौर की सराहना करते हैं। उर्दू भाषा को संविधान ने भारतीय भाषा के रूप में मान्यता दी है। उत्तर प्रदेश में उर्दू भाषा को दूसरी अधिकारिक भाषा का दर्जा प्राप्त है। उन्होंने कहा कि उर्दू महत्व की भाषा है, जिसके पास समृद्ध साहित्य है। यह किसी धर्म विशेष की भाषा न होकर आम आदमी की भाषा है।
‘नया दौर’ के नए अंक की पहली प्रति राज्यपाल को भेंट करते हुए प्रमुख सचिव सूचना अवनीश अवस्थी ने बताया कि नया दौर के प्रकाशन को 95 वर्ष हो गए हैं। 1922 में यह पत्रिका ‘हमारी जबान’ के नाम से प्रकाशित होती थी।
उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद पत्रिका का नाम ‘इत्तेलाआत’ हुआ और 1954 में इसको नया नाम ‘नया दौर’ दिया गया। पत्रिका ‘नया दौर’ तब से निरंतर 63 वर्ष से प्रकाशित हो रही है। उन्होंने कहा कि 2022 इस पत्रिका का शताब्दी वर्ष होगा।
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