नई दिल्ली, 25 सितम्बर (आईएएनएस)। रेलवे सुरक्षा बल द्वारा मुसीबत में फंसे बच्चों की सहायता के लिए चलाए जा रहे अभियान की सफलता को देखते हुए रेल मंत्रालय ने 47 अतिरिक्त रेलवे स्टेशनों पर इस अभियान को चलाने का निर्णय लिया है। फिलहाल यह अभियान 35 स्टेशनों पर चलाया जा रहा है। ए1 श्रेणी के 75 स्टेशनों को इस अभियान के तहत शामिल किया जाएगा।
रेल मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, ‘ऑपरेशन मुस्कान’ लापता बच्चों के बचाव और पुनर्वास के लिए गृह मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एक प्रमुख पहल है। यह एक समर्पित अभियान है, जहां पुलिस संगठन गुमशुदा बच्चों की खोज और बचाव के लिए विभिन्न कार्य योजनाएं चलाते हैं और ऐसे बच्चों को उनके परिवार से मिलाते हैं। रेलवे पुलिस और रेलवे रक्षा बल बचाव उपाय करते हैं और रेल गाड़ियों और रेलवे परिसरों में ऐसे गुमशुदा बच्चों की सहायता करते हैं, जिन्हें संरक्षा और सहायता की जरूरत होती है।
बयान के अनुसार, वर्ष 2014, 2015 व 2016 के दौरान रेलवे रक्षा बल के कर्मियों ने 20,931 बच्चों का बचाव किया। इनमें 1,317 ऐसे बच्चे थे, जो मानव तस्करी में फंसे थे। इनमें 944 लड़के और 373 लड़कियां शामिल थीं। वर्ष 2017 में अगस्त तक 7,126 बच्चों को रेलवे सुरक्षा बल ने मुक्त कराया है। इनमें 185 ऐसे बच्चे थे, जो मानव तस्करी के जाल में फंसे थे, इनमें 124 लड़के और 61 लड़किया शामिल हैं।
बयान में कहा गया है कि रेलवे सुरक्षा बल प्रतिदिन रेलों और रेल परिसरों से 20-25 ऐसे बच्चों को उनके माता-पिता, रिश्तेदारों अथवा स्वयंसेवी संगठनों के सुरक्षित हाथों में सौंप रहा है। ये बच्चे कानून द्वारा स्थापित बाल कल्याण समितियों और कानूनी पुनर्वास संस्थानों को भी सौंपे जाते हैं। यह कल्याणकारी कार्य करके प्रति वर्ष रेलवे सुरक्षा बल के कर्मियों ने हजारों दुखी और हताश माता-पिता और रिश्तेदारों के चेहरे पर मुस्कान वापस दी है।
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