पुलिस ने बताया, “डॉक्टर की हत्या करने के बाद ही आरोपियों ने उनके परिजनों को फोन कर 55 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। इनमें एक आरोपी 2016 में डॉक्टर के यहां किराए पर रहता था, जहां उसके तीनों आरोपी भांजों का भी आना जाना था। घर के ठाट-बाट देख कर इन लोगों ने डॉक्टर के अपहरण और हत्या की साजिश रची थी।”
इटावा के एसपी ने बताया, “बीती 14 सितम्बर को फ्रेंड्स थाना कॉलोनी क्षेत्र से डॉ. ज्ञान प्रकाश पांडेय का अपहरण कर लिया गया था, जिन्हें छोड़ने के लिए 55 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। इस मामले में पुलिस ने धारा 364ए के तहत मामला दर्ज किया था और पुलिस की चार टीमें घटना के खुलासे का प्रयास कर रही थीं।”
उन्होंने बताया, “रविवार देर रात मुखबिर की सूचना पर फ्रेंड्स थाना कॉलोनी पुलिस ने अपहरणकर्ता हरगोविंद उर्फ सीटू व अंकित, मामा राम प्रकाश को आईटीआई चौराहा से गिरफ्तार किया, जिसके बाद उनके साथी सुमित को भरथना से गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के पास से अपहरण में प्रयुक्त स्कोर्पियो, मोबाइल व सिम, मोटरसाइकिल बरमाद हुई।”
एसपी ने बताया कि आरोपियों ने डॉक्टर की हत्या की बात कबूली, जिसके बाद उनकी निशानदेही पर भोगनीपुर नहर के किनारे से मृतक की पैंट, बेल्ट, सैंडिल, ड्राइविंग लाइसेंस व आधार कार्ड बरामद हुआ।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने शव की बरामदगी के लिए पेशेवर गोताखोरों के जरिए भोगनीपुर नहर में करीब 80 किलोमीटर तक सघन तलाशी अभियान चलाया, लेकिन शव बरामद नहीं हो सका है।
एसपी ने बताया कि पूछताछ पर अभियुक्तों ने बताया कि योजनाबद्ध तरीके से डॉक्टर का अपहरण कर उनकी हत्या की गई व बड़े बक्से में बंद कर तकरऊ पुल से 900 मीटर दूर भोगनीपुर नहर में फेंक दिया। डॉ. पांडेय के शव को नहर में फेंकने के बाद अपने गांव गंभीरा थाना करहल जनपद मैनपुरी से डॉक्टर के फोन पर कॉल कर 55 लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई थी।
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