पणजी, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। गोवा के महिला एवं बाल विकास मंत्री विश्वजीत राणे ने बुधवार को सर्वोच्च न्यायालय के 18 वर्ष से कम उम्र की विवाहिता से यौन संबंध को दुष्कर्म माने जाने के निर्णय की सराहना की।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री का भी कार्यभार संभाल रहे राणे ने पत्रकारों से कहा कि वह इससे अवगत हैं कि पड़ोसी राज्यों से 14-15 वर्ष की गर्भवती और विवाहिता महिलाएं उनके ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र वालपोई के अस्पतालों में इलाज करवाती हैं और इस निर्णय से महिलाओं का शोषण समाप्त होगा।
राणे ने कहा, “गांवों और बड़े राज्यों में, महिलाओं का शोषण होता है। यह एक महत्वपूर्ण निर्णय है। स्वास्थ्य मंत्री के तौर पर, मैं इसका स्वागत करता हूं।”
उन्होंने कहा, “प्रसव कराने आईं बहुत सारी महिलाएं 18 वर्ष से कम उम्र की होती हैं। कुछ मामलों में, वे केवल 16 वर्ष की होती हैं। मैंने अपने विधानसभा क्षेत्र में देखा है कि जो लोग बाहर से आते हैं उनमें से कुछ 14-15 वर्ष की उम्र में मां बन जाती हैं।”
सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा कि 18 साल से कम उम्र की पत्नी के साथ यौन संबंध बनाने को दुष्कर्म माना जाएगा। अदालत ने साथ ही कहा कि अगर पत्नी एक साल के भीतर इसकी शिकायत दर्ज कराती है तो पति को सजा हो सकती है।
इस फैसले के साथ न्यायालय ने आपराधिक कानून के उस प्रावधान को खारिज कर दिया, जिसके तहत 15 से 18 साल की उम्र की पत्नी के साथ यौन संबंध बनाने को दुष्कर्म नहीं माना जाता था।
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