चेन्नई, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। एक साहूकार के शोषण से तंग आकर एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ तिरुनेलवेली के कलेक्ट्रेट कार्यालय में सोमवार को आग लगाकर जान देने की कोशिश की। उन्हें गंभीर रूप से जलने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
चेन्नई, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। एक साहूकार के शोषण से तंग आकर एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ तिरुनेलवेली के कलेक्ट्रेट कार्यालय में सोमवार को आग लगाकर जान देने की कोशिश की। उन्हें गंभीर रूप से जलने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इसाकी मुथु ने अपने परिवार के साथ जान देने की कोशिश की। उसके भाई ने संवाददाताओं को बताया कि यह परिवार साहूकार के शोषण को सहन कर पाने में असमर्थ था, जो मूलधन और ब्याज के अलावा और धन की मांग कर रहा था।
पुलिस के मुताबिक मुथु ने एक साहूकार से उच्च ब्याज दर पर 1.40 लाख रुपये का कर्ज लिया था। साहूकार को 2 लाख रुपये लौटाने के बाद भी वह और अधिक पैसों की मांग कर रहा था और धमका रहा था।
मुथु ने पहले पुलिस और जिला आयुक्त के पास अपने परिवार को साहूकार से बचाने की गुहार लगाई थी, लेकिन उसकी गुहार अनसुनी रह गई।
थिरुनवेली यहां से 650 किलोमीटर दूर है।
इस घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पीएमके के नेता अंबुमणि रामदौस ने कहा कि पिछले सात सालों में साहूकारों के शोषण से तंग आकर 823 लोगों ने आत्महत्या की है।
पीएमके नेता ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी (एआईएडीएमके) और पुलिस की साहूकारों से सांठगांठ है और उच्च ब्याज दर पर पैसा उधार देने के खिलाफ कानून होने के बावजूद उन पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
रामदौस ने मुथु की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं करने वाले जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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