आईआईटी रुड़की ने एंटीबॉयोटिक प्रतिरोधकता वापस लाने की तकनीक खोजी

रूड़की (उत्तराखंड), 10 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-रूड़की ने एक महत्वपूर्ण तकनीक खोजी है, जिससे दवा की प्रतिरोधकता वापस लाने के साथ मौजूदा एंटीबॉयोटिक दवाओं को प्रभावी ढंग से काम करने में सक्षम बनाने में मदद मिलेगी।

जीवाणु जो दवा के इस्तेमाल के प्रति प्रतिरोधक हो जाता है, वह एक प्रणाली का इस्तेमाल करता है, जिसे इफ्लक्स पम्पस कहते हैं। यह कोशिकाओं को एंटीबायोटिक देने में छोटे मोटर्स की तरह काम करता है।

इसके परिणाम के तौर पर दवा अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंचती है, जिससे जीवाणु को एंटीबॉयोटिक की मौजूदगी में भी जीवित रहने में मदद मिलती है।

इस शोध का प्रकाशन ‘इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एंटीमाइक्रोबॉयल एजेंट्स’ में किया गया है।

अपने शोधपत्र में शोधकर्ताओं ने कहा है कि इसमें एक अणु-आईआईटीआर08027– का खोज किया गया है। यह अणु प्रोटान ग्रेडियंट को बाधित करता है, प्रोटान ग्रेडियंट इफ्लक्स पंप को एनर्जी देता है और इस तरह एंटीबायोटिक का प्रवाह धीमा हो जाता है।

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