चार राज्यों, पुडुचेरी के 35 तटीय जिलों में सुनामी मॉक अभ्यास

नई दिल्ली, 24 नवंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) तथा भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केन्द्र (आईएनसीओआईएस) के सहयोग से गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को देश के संपूर्ण पूर्वी समुद्र तट पर सुनामी तैयारी को लेकर एक बहुराज्यीय मेगा मॉक अभ्यास आयोजित किया।

मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, यह अभ्यास पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केंद्र शासित पुडुचेरी के 35 तटीय जिलों में एक साथ किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य शुरुआती चेतावनी को बेहतर बनाने तथा उच्च तीव्रता वाली सुनामी के प्रभाव को कम करने के लिए प्रतिक्रिया तंत्र का मूल्यांकन करना था।

बयान के अनुसार, एनडीएमए के विशेषज्ञों ने राज्यों की राजधानी केन्द्रों से इस अभ्यास का नेतृत्व किया और प्रतिभागियों को दिन की कार्रवाई की जानकारी दी। अभ्यास के परिदृश्य के लिए 9.30 बजे सुबह अंडमान और द्वीपो के निकट एक उच्च तीव्रता की सुनामी का प्रतिरूपण किया गया। कुछ क्षणों के पश्चात ही भारतीय सुनामी प्रारम्भिक चेतावनी केन्द्र (आईटीईडब्ल्युसी), आईएनसीओआईएस ने पूर्वी तट के लिए ईमेल, फैक्स व एसएमएस के माध्यम से एक गंभीर सुनामी आपदा की सूचना जारी की। इसने अपनी वेबसाइट पर विस्तृत बुलेटिन भी जारी किया।

बयान के अनुसार, दो घंटे की प्रतिक्रिया अवधि की सूचना दी गई, जिसके अंतर्गत पूरी राज्य मशीनरी का कुशलतापूर्वक इस्तेमाल इस तरह से किया गया कि सुनामी के प्रभाव को कम से कम किया जा सके।

बयान में कहा गया है कि एक घंटे से भी कम समय में राज्य आपात संचालन केन्द्र (एसईओसी) सक्रिय हो गए। मशीनरी को प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार किया गया, समुदायों को चेतावनी जारी की गई। जोखिम वाले क्षेत्रों से बाहर निकालने के निर्देश जारी किए गए, इंसीडेंट कमांडरों के अंतर्गत बचाव दलों का गठन किया गया और उन्हें स्टैंडबाइ रखा गया।

विभिन्न एजेंसियों जैसे ट्रैफिक नियंत्रण, अग्निशमन विभाग, एंबुलेंस, पुलिस, तटरक्षक, सिविल प्रतिरक्षा और समुदाय के हितधारकों की सहायता से जोखिम वाले क्षेत्रों से बाहर निकालने का अभ्यास पूरा किया गया।

बयान के अनुसार, अभ्यास के बाद एनडीएमए के प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम की समीक्षा की, जिसमें सभी अधिकारियों ने भाग लिया। दोषों पर विस्तृत चर्चा की गई और भाग लेने वाली एजेंसियों और अधिकारियों के मध्य समन्वय बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा की गई।

यह कार्यक्रम पांच नवंबर को मनाए जाने वाले दूसरे विश्व सुनामी जागरूकता दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में से एक है। इसकी शुरुआत आठ नवंबर को आयोजित अनुकूलन सम्मेलन के साथ हुई, ताकि इस अभ्यास का संचालन सुचारू रूप से किया जा सके।

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