अगरतला, 1 दिसम्बर (आईएएनएस)। त्रिपुरा के स्वास्थ्य मंत्री बादल चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि त्रिपुरा और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में एड्स को लेकर जागरूकता बढ़ी है, जिसके परिणामस्वरूप अब ज्यादा लोग एचआईवी जांच करा रहे हैं।
चौधरी ने विश्व एड्स दिवस के मौके पर यहां एक जागरूकता कार्यक्रम में कहा, “त्रिपुरा और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में खतरनाक एड्स के खिलाफ जागरूकता बढ़ने से ज्यादा लोग एचआईवी जांच कराने के लिए आगे आ रहे हैं।”
उन्होंेने कहा, “जो लोग एचआईवी पॉजिटिव हैं, वे प्रांरभिक अवस्था में ही उचित दवाएं और उपचार ले रहे हैं।”
चौधरी ने कहा, “पिछले वित्तीय वर्ष (2016-17) में 89,300 लोगों के रक्त की जांच की गई और 295 लोगों के रक्त नमूने में एचआईवी पॉजिटिव वायरस पाया गया। वर्तमान में त्रिपुरा में 1,174 एड्स के मरीज है।”
यहां शुक्रवार को आयोजित जागरूकता रैली में चौधरी, मुख्यमंत्री माणिक सरकार, राज्य जनजातीय क्षेत्रों के स्वायत्त जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी सदस्य राधा चरण देबबर्मा, वरिष्ठ अधिकारियों और हजारों स्कूली छात्रों और गैर सरकारी संगठनों ने हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री ने एड्स से निपटने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत त्रिपुरा एड्स कंट्रोल सोसाइटी से स्कूल, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्रों और विभिन्न युवा संगठनों को शामिल करने के लिए कहा है।
त्रिपुरा एड्स कंट्रोल सोसाइटी के एक अधिकारी ने राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन के हवाले से कहा कि 2016 में एचआईवी संक्रमण के करीब 80,000 नए मामले सामने आए और देश में 62,000 लोगों की मौत एड्स से हुई।
देश भर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुकाबले पूर्वोत्तर के तीन राज्यों मणिुपर (1.15 प्रतिशत), मिजोरम (0.8) और नागालैंड (0.70 प्रतिशत) में एचआईवी संक्रमण के मामले सबसे ज्यादा हैं।
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