सतना, 16 दिसंबर (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश के सतना जिले में बीते कुछ माह में कथित हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं की कार्यशैली के कारण हुई पुलिस कार्रवाइयों से ईसाई समुदाय चिंतित है।
ईसाई समुदाय के फादर रोनी वर्गीज ने शनिवार को आईएएनएस से कहा, “बीते कुछ माह में तीन ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिससे समुदाय के लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। आखिर इन लोगों का मकसद क्या है, हम समझ नहीं पा रहे हैं।”
जब उनसे हिंदूवादी संगठनों के धर्मातरण के आरोपों के संदर्भ में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “हम लोग ऐसा कोई काम नहीं कर रहे हैं। अब देखिए ईसाई समुदाय के युवक और युवती विवाह करते हैं, तो उसे धर्मातरण बताकर पुलिस कार्रवाई कराई जाती है। एक नन बच्ची को पढ़ाने के लिए झारखंड से सतना आती है, उसे भी धर्मातरण से जोड़ दिया जाता है। इसी तरह क्रिसमस की तैयारियों को धर्मातरण से जोड़कर बेवजह परेशान किया गया।”
वर्गीज ने आगे बताया, “गुरुवार को ईसाई समुदाय के लोगों के साथ हुई मारपीट और कार जलाने की घटना के बाद पुलिस ने समुदाय के लोगों को ही हिरासत में रखा। बाद में फादर जॉर्ज एम. के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। बाद में वह न्यायालय से जमानत पर रिहा हुए। इससे पूर्व भी फादर जॉर्ज एम. को एक अन्य मामले में फंसाया गया था।”
राष्ट्रीय ईसाई महासंघ के प्रवक्ता रिचर्ड जेम्स ने एक बयान जारी कर कहा है कि उन्होंने क्रिसमस की तैयारियों के चलते उचित व्यवस्थाएं करने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय के जिम्मेदार अधिकारियों को पत्र लिखा है। सतना की घटना निंदनीय है।
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