मधेपुरा, 4 जनवरी (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यहां गुरुवार को कहा कि वर्ष 2008 में आई कोसी त्रासदी से यह क्षेत्र काफी प्रभावित हुआ था और बड़े पैमाने पर बर्बादी हुई थी। उसी समय उन्होंने पहले से बेहतर कोसी बनाने का संकल्प लिया है।
नीतीश अपनी विकास कार्यो की समीक्षा यात्रा के तीसरे चरण में गुरुवार को मधेपुरा जिला स्थित सिंघेश्वर प्रखंड के गौरीपुर गांव का भ्रमण किया तथा सात निश्चय की योजनाओं के साथ ही अन्य विकासात्मक योजनाओं के कार्यो का जायजा लिया।
इस मौके पर सिंघेश्वर स्थान स्थित जनसभा स्थल मंच से मुख्यमंत्री ने रिमोट के जरिये 621 करोड़ रुपये की लागत वाली 1,565 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसमें 133 करोड़ रुपये की लागत वाली 658 योजनाओं का उद्घाटन और 488 करोड़ रुपये की लागत वाली 907 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
मुख्यमंत्री ने बिजली के क्षेत्र में बिहार की प्रगति की चर्चा करते हुए कहा कि बिजली के क्षेत्र में काफी काम हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले 700 मेगावाट बिजली की खपत पूरे बिहार में भी नहीं होती थी, क्योंकि बिजली आपूर्ति का कोई इंतजाम नहीं था। आज बिहार में 4600 मेगावाट से भी ज्यादा बिजली की आपूर्ति हो रही है। यही नहीं, बिहार में अब ऐसा कोई गांव नहीं बचा है, जहां बिजली नहीं पहुंची हो।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारा लक्ष्य न्याय के साथ विकास का है, इसके साथ ही समाज में सुधार भी लाना है, जिसके लिए निरंतर सशक्त अभियान चलाए जा रहे हैं। पहले जहां शराबबंदी और नशामुक्ति को लेकर अभियान शुरू किया गया था, वहीं अब दहेज प्रथा और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। मेरा मानना है कि विकास का लाभ लोगों तक वास्तविक रूप से तभी पहुंच पाएगा, जब हम समाज से कुरीतियों को खत्म करने में कामयाब होंगे।”
इस मौके पर मधेपुरा जिला प्रशासन द्वारा तैयार जिले के अंदर विकासात्मक योजनाओं से संबंधित चार पुस्तिकाओं का भी विमोचन मुख्यमंत्री ने किया। मुख्यमंत्री ने ई-मंडी मधेपुरा वेबसाइट की लॉचिंग भी की। मुख्यमंत्री ने संथाल सुनिश्चित रोजगार कार्यक्रम के तहत मिलने वाले लाभ का स्वीकृति पत्र भी 24 संथाली महिलाओं के बीच वितरित किया।
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