नई दिल्ली, 11 जनवरी (आईएएनएस)। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने गुरुवार को कहा कि इस महीने भारतीय पेट्रोलियम डाउस्ट्रीम रेग्युलेटर की ओर से देश के 100 शहरों में लाइसेंस प्रदान करे के लिए बोली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
भारतीय उद्योग एवं वाणिज्य महासंघ (फिक्की) की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने पहले ही 80 शहरों में गैस वितरण लाइसेंस प्रदान किया है और 100 शहरों में लाइसेंस प्रदान करने का प्रस्ताव है, जिससे देश में गैस की खपत बढ़ेगी और इस तरह ऊर्जा खपत में स्वच्छ ऊर्जा की खपत की हिस्सेदारी अगले दशक में 6.5 फीसदी से बढ़कर 15 फीसदी करने में मदद मिलेगी।
इसी प्रकार, सरकार ने पूर्वोत्तर में गैस की आपूर्ति सुरक्षित करने को लेकर पाइपलाइन में विस्तार करने की योजना बनाई है।
उन्होंने कहा, “सार्वजनिक क्षेत्र की पांच कंपनियों (पीएसयूज) के संघ की ओर से पूर्वोत्तर में गैस पाइपलाइन लागने का प्रस्ताव दिया गया है। संघ ने परियोजना के लिए पीएनजीआरबी की मंजूरी भी मांगी है। “
उन्होंने बताया कि पीएसयूज साथ मिलकर पूर्वोत्तर में एक गैस ग्रिड बनाना चाहती हैं, जिसे जगदीशपुर-हल्दिया पाइपलाइन से जोड़ा जाएगा। वर्तमान में गेल इसे बना रहा है।
प्रधान ने बताया कि कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार जल्द ही परिष्कृत तेल रिकवरी नीति लाएगी।
तेल की कीमतों के निर्धारण और बिक्री में उत्पादक को दी गई स्वतंत्रता पर प्रधान ने कहा, “भारत में लोकतांत्रिक प्रणाली है और यहां हर चीज की जांच होती है।”
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