भोपाल, 14 जनवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की राजधानी में शिक्षिकाओं ने अपनी मांगों के समर्थन में मुंडन करा लिया तो अगले दिन रविवार को कांग्रेस ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी सरकार पर हमला बोला। कांग्रेस ने कहा कि शिवराज ने जनता के बीच विश्वास खो दिया है, लिहाजा उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने एक बयान जारी कर कहा, “भाजपा के 14 साल की हकीकत अब उजागर होने लगी है। 13 जनवरी की तीन घटनाएं मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर घटित होना शिवराज सरकार के लिए अशुभ एवं शर्मनाक होने का संकेत है।”
उन्होंने कहा कि प्रदेश का भविष्य गढ़ने वाली महिला अध्यापकों द्वारा अपनी मांगों के समर्थन में सिर मुंडवाना, नौकरी से निकाले जाने के बाद एक मलेरिया कार्यकर्ता का अपनी शादी के कार्ड में यह छपवाना कि ‘हमारी भूल कमल का फूल’ और मुख्यमंत्री आवास पर एकात्म यात्रा के कार्यक्रम में गिनती के लोगों का पहुंचना प्रदेश से भाजपा की विदाई का संकेत दे गया है।
सिंह ने कहा, “स्वयंभू मामा शिवराज सिंह चौहान को क्या अपनी बहनों द्वारा सिर मुंडवाने की घटना अच्छी लगी? एक नारी का सबसे बड़ा श्रृंगार उसके केश होते हैं। अगर एक नारी उसे कटवाने का निर्णय ले, तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि शिवराज सरकार के प्रति लोगों में कितना गुस्सा है।”
वहीं, विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के मुख्य सचेतक रामनिवास रावत ने प्रदेश की भाजपा सरकार को ‘जनविरोधी’ करार देते हुए कहा कि बच्चों का भविष्य संवारने वाले शिक्षिकाओं को अपनी मांगों की तरफ ध्यान दिलाने के लिए मुंडन कराना पड़े, यह सबके लिए शर्मनाक है।
पूर्व मंत्री रावत ने आगे कहा कि प्रदेशभर के अध्यापक शिक्षा विभाग में संविलियन की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। राज्य की भाजपा सरकार ने हर बार अध्यापकों को महज आश्वासन दिया, लेकिन उनका शिक्षा विभाग में संविलियन नहीं किया गया। यही कारण है कि वाजिब मांग पूरी न होने पर आजाद अध्यापक संघ की प्रांतीय अध्यक्ष शिल्पी शिवान सहित तीन महिला अध्यापकों और एक अध्यापक की पत्नी समेत कई अध्यापकों ने भोपाल में सिर मुंडवाया।
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