तिरुवनंतपुरम, 1 फरवरी (आईएएनएस)। गूगल ने गुरुवार मशहूर भारतीय लेखिका और कवयित्री कमला दास उर्फ माधवी कुट्टी के काम और उनकी जिंदगी को याद करते हुए उन पर विशेष डूडल बनाया है। उनका निधन नौ वर्ष पहले हुआ था।
गूगल का यह डूडल ऐसे समय में सामने आया है, जब संयोग से उनकी आत्मकथा ‘माई स्टोरी’ को आए 42 वर्ष पूरे हो गए हैं। यह वर्ष 1976 में प्रकाशित हुई थी।
इसे ‘अंत कथा’ भी कहा जाता है। इस पुस्तक को उनकी पहली साहित्यिक सफलता के रूप में जाना जाता है। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
गूगल का डूडल बनाने वाले कलाकार मंजीत थाप ने कहा, “उनके उन कामों का जश्न मना रहे हैं, जिसे वह पीछे छोड़ गईं हैं। उनके कार्य एक दिलचस्प महिला की दुनिया में देखने का एक झरोखा मुहैया कराते हैं।”
यह डूडल ऐसे समय में भी सामने आया है, जब एक दिन पहले उच्च न्यायालय ने दास की कृति माई स्टोरी पर आधारित फिल्म ‘आमी’ पर प्रतिबंध लगाने की मांग करने वाली एक याचिका पर केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड(सीबीएफसी) को नोटिस जारी किया है।
लोकप्रिय मलयालम निर्देशक कमल द्वारा निर्देशित फिल्म में अभिनेत्री मंजू वारियर भी हैं और यह अगले सप्ताह रिलीज होगी।
वी.एम. नायर और बालमणि अम्मा के घर 31 मार्च, 1934 को पैदा हुई कमला दास ने अपना अधिकांश बचपन कोलकाता में बिताया, जहां उनके पिता काम करते थे।
वह अपनी कवियित्री मां और लेखक चाचा नलप्पत नारायण मेनन से काफी प्रभावित थीं, जिसके चलते उन्होंने 17 वर्ष की आयु में लेखन कार्य शुरू कर दिया था।
उन्होंने माधव दास के साथ शादी की, जो आयु में उनसे 15 वर्ष बड़े थे। दोनों के तीन बेटे हैं।
कमला को पहली साहित्यिक सफलता 42 वर्ष की आयु में उनकी आत्मकथा ‘माई स्टोरी’ से मिली।
वर्ष 1999 में, उन्होंने इस्लाम अपनाने की घोषणा की, जिसके बाद उन्होंने अपना नाम बदलकर कमला सुरैया कर दिया।
बीमारी के कारण 31 मई, 2009 को उनका निधन हो गया।
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