अभिभाषण में राज्यपाल ने सरकार की तारीफ की। उन्होंने कहा कि सरकार ने गांव, गरीब और किसानों सहित प्रत्येक वर्ग के लिए विशिष्ट कार्य किया है।
राज्यपाल ने कहा कि विगत 14 वर्षों में सरकार ने विभिन्न फसलों के उत्पादन में जैसे चावल में 47 प्रतिशत, गेहूं में 147 प्रतिशत, दलहन में 43 प्रतिशत, तिलहन में 156 प्रतिशत, कुल खद्यान्न उत्पादन में 58 प्रतिशत, उद्यानिकी फसलों में 408 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
कृषि लागत को कम करने के लिए सरकार ने कई योजनाएं तैयार की हैं। सामान्य वर्ग के किसानों को 75 सौ यूनिट बिजली नि:शुल्क दी है। सरकार ने बीते वर्ष किसानों से 69 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा था, जिस पर 21 सौ करोड़ रुपये का बोनस दिया गया है।
राज्यपाल ने कहा कि ई-रिक्शा सहायता 30 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये की गई है। पं. दीनदयाल उपाध्याय श्रम अन्न योजना के तहत 5 रुपये में भरपेट भोजन प्रदाय किया जा रहा है। इसके तहत शहरों के चावड़ी में केंद्र खोले जा रहे हैं, जिसकी शुरुआत रायपुर से की गई है।
सरकार ने जल संसाधन के क्षेत्र में भी सराहनीय कार्य किए हैं। नदियों को जोड़ने की दिशा में ईशा फाउंडेशन के साथ एमओयू भी किया गया है। दो वर्षों में सरकार ने सिंचाई की 42 हजार 625 हेक्टेयर क्षेत्र सृजित किया है। सरकार ने प्रदेश में हरा सोना कहे जाने वाले तेंदुपत्ता संग्राहकों के लिए भी सौगात दी है। उनका समर्थन मूल्य 25 सौ रुपये कर दिया गया है। साथ ही तेंदुपत्ता संग्राहकों को 274 करोड़ रुपये बोनस भी दिया गया है। वनांचन के छात्र-छात्राओं को राज्य लघुवनोपज संघ ने 8 करोड़ 63 लाख रुपये की छात्रवृत्ति दी है।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रारंभ 9 विद्यालयों से राज्य में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की संख्या 25 हो गई है। वहीं युवा करियर निर्माण योजना अंतर्गत राज्य स्तरीय प्रशिक्षण केंद्र में 50 सीट की वृद्धि की गई है। सरकार ने सड़क निर्माण एवं उन्नयन के लिए 300 करोड़ रुपये के कार्य भी शामिल हैं। 311 किलोमीटर लंबे इस्ट कॉरीडोर एवं ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के लिए जिला खनिज न्यास निधि उपलब्ध कराया है।
सरकार ने संपर्क क्रांति का महाअभियान संचालित किया है। विगत एक वर्ष में 2 हजार 644 किलोमीटर सड़कों का निर्माण व उन्नयन किया गया है। विभिन्न मदों से 3 हजार 572 किलोमीटर सड़कों का कार्य प्रगति पर है। 27 वृहद पुलों का निर्माण भी पूर्ण किया जा चुका है।
अभिभाषण के बाद विधानसभा के सचिव चंद्रशेखर गंगराड़े ने सदन में कृतज्ञता प्रस्ताव रखा, जिसे पारित करने के बाद सदन सोमवार दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। सदन अब मंगलवार को सुबह 11 बजे फिर शुरू होगी।
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