श्रीदेवी की मौत के बाद लगातार रो रहे थे बोनी कपूर : सतीश कौशिक

मुंबई, 28 फरवरी (आईएएनएस)। अभिनेता-फिल्म निर्माता सतीश कौशिक ने बताया है कि अभिनेत्री श्रीदेवी की अचानक मृत्यु होने पर उनके पति व फिल्म निर्माता बोनी कपूर लगातार रोए जा रहे थे।

मुंबई, 28 फरवरी (आईएएनएस)। अभिनेता-फिल्म निर्माता सतीश कौशिक ने बताया है कि अभिनेत्री श्रीदेवी की अचानक मृत्यु होने पर उनके पति व फिल्म निर्माता बोनी कपूर लगातार रोए जा रहे थे।

दुबई के एक होटल में 24 फरवरी की रात श्रीदेवी की मौत पानी से भरे बाथटब में दुर्घटनावश गिर कर हो गई थी।

सतीश ने कहा, “जब मैंने मैम (श्रीदेवी) के निधन की खबर सुनी तो मुझे विश्वास नहीं हुआ। बोनी और मैं 30 सालों से दोस्त हैं। मैं उन्हें फोन किया। वे लगातार रोए जा रहे थे। हम जितनी बात कर रहे थे, वे उतना ही रोए जा रहे थे। वे चुप ही नहीं हो रहे थे। फिर, मैंने फोन काट दिया।”

कौशिक ने श्रीदेवी का वर्णन एक जोशीली, उत्साही और एक संपूर्ण कलाकार के तौर पर किया।

उन्होंने कहा कि श्रंगार करने के बाद जितना बदलाव उनके चेहरे पर आता था, उतना बदलाव मैंने किसी के चेहरे पर नहीं देखा।

यहां बुधवार को अभिनेत्री को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद उन्होंने कहा, “मेरा मतलब सिर्फ कैमरे से नहीं है। अगर वह किसी विवाह समारोह के लिए तैयार होती थीं तो बिल्कुल बदल जाती थीं। और, अब उन्हें उनकी शवशैया पर शांत और बिना किसी हरकत के देख रहा हूं। यह दिल तोड़ने वाला है।”

बोनी और सतीश ने साथ-साथ एक लंबा सफर तय किया है।

उन्होंने कहा, “शेखर कपूर की फिल्म ‘जोशीले’ में मैं सहायक निर्देशक था। इसके निर्माता बोनी कपूर थे। ‘हिम्मतवाला’ में श्रीदेवी का अभिनय देखकर मैं स्तब्ध हो गया था।”

उन्होंने कहा, “जावेद अख्तर साब ने काफी मजबूती से उनकी सिफारिश की थी। ‘जोशीले’ में अनिल कपूर, सन्नी देओल और मीनाक्षी शेषाद्री के साथ वह मुख्य भूमिका में थीं। उस समय भी उनकी हास्य क्षमता में कोई कमी नहीं थी।”

इसके बाद कौशिक को ‘मिस्टर इंडिया’ में भी उनके साथ काम करने का मौका मिला।

सतीश ने कहा, “कुछ सालों बाद उन्होंने वास्तविक जिंदगी में जाह्नवी और खुशी की मां की भूमिका निभाने का फैसला किया। यह उनकी पसंदीदा भूमिका थी। मैंने देखा है कि वह अपनी बेटियों की कितनी अच्छी मां थीं।”

उन्होंने कहा, “मैंने इतने लोग किसी की शवयात्रा में नहीं देखे। सभी की आंखें भरी हुई थीं। उनके जाने से सभी लोग प्रभावित हुए, यहां तक कि वे लोग भी जो उनसे कभी नहीं मिले। पूरा देश दुख में है।”

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