भोपाल, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 10 हजार रुपये और सहायिकाओं का मानदेय 5 हजार रुपये प्रति माह करने की घोषणा की है। साथ ही सेवानिवृत्ति की आयु भी शासकीय कर्मचारियों के समान 62 वर्ष की जाएगी। उन्हें यात्रा भत्ता भी दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री यहां अपने निवास पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की पोषण अभियान पर आयोजित उन्मुखीकरण कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। राज्य में वर्तमान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 5000 और सहायिका का मानदेय 2500 रुपये मासिक है। इसे बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया है।
शिवराज ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का आह्वान किया कि राज्य से कुपोषण की चुनौती को हमेशा के लिए समाप्त करने में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि शिकायत आने पर किसी भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या सहायिका को बिना जांच किए नहीं हटाया जाएगा। यदि आंगनबाड़ी सहायिका द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रूप में चयन के लिए आवेदन किया जाता है, तो उन्हें वरीयता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने दीनदयाल पोषण पुरस्कार की भी घोषणा की। रिटायरमेंट के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को एक लाख रुपये और सहायिकाओं को 75000 रुपये दिए जाएंगे। यदि उनकी आकस्मिक मृत्यु हो जाती है तो उनके परिवार को दो लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। साथ ही उनकी बहन या बेटी को कार्यकर्ता या सहायिका के चयन में 10 अंक की वरीयता दी जाएगी।
शिवराज ने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले आंगबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए प्रत्येक परियोजना में तीन-तीन पुरस्कार दिए जाएंगे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रथम पुरस्कार 7100 रुपये, द्वितीय पुरस्कार 5100 रुपये और तृतीय पुरस्कार 2100 रुपये दिए जाएंगे। इसी तरह सहायिकाओं के लिए प्रथम पुरस्कार 5100 रुपये का द्वितीय पुरस्कार 2100 और तृतीय पुरस्कार 1100 रुपये का दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाली मजदूर बहनों के लिए गर्भावस्था के दौरान चार हजार रुपये और प्रसव के बाद 12 हजार रुपये दिए जाएंगे। इन बहनों का पंजीयन कराने और उनके खातों में रकम पहुंचाने की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दी जाएगी।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सेवा और विकास के क्षेत्र में पूरे देश में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बहनें निचले स्तर पर बड़ी जिम्मेदारियां पूरी करती हैं। उन्होंने एनीमिया की कमी से लड़ने का अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया। इसके अलावा स्वास्थ्य एवं अन्य शासकीय सेवाओं के प्रदाय की जिम्मेदारी भी लगन के साथ पूरी की। निचले स्तर पर प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन में वे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण की आयुक्त जयश्री कियावत, आयुक्त आईसीडीएस संदीप यादव और बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं उपस्थित थीं।
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