लखनऊ, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले की बांगरमऊ विधानसभा सीट से भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर लगे सामूहिक दुष्कर्म व अन्य आरोपों को लेकर डीजीपी की ओर से गठित एसआईटी की टीम जल्द ही उनसे पूछताछ करेगी। इस मामले में हालांकि पुलिस ने मंगलवार को विधायक के भाई अतुल सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
दुष्कर्म पीड़िता के पिता की पिटाई से मौत पर मंगलवार को अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) आनंद कुमार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पिड़ीत के पिता की मौत पुलिस हिरासत में नहीं हुई है। हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया।
उन्होंने कहा, “इस मामले में बिना जांच के किसी भी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। साथ ही पुलिस हिरासत में हुई पीड़िता के पिता की मौत ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट करेंगे।”
उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को क्लीनचिट देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी किसी को क्लीनचिट नहीं दी गई है।
आनंद कुमार ने कहा कि मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी इससे जुड़े हर व्यक्ति से पूछताछ करेगी।
उन्होंने बताया कि 11 जून, 2017 को जो मामला दर्ज किया गया है, उसमें विधायक का नाम नहीं दिया गया था। जबकि 22 अगस्त, 2017 को पीड़ित परिवार द्वारा दी गई तहरीर में विधायक और अन्य के शामिल होने का आरोप लगाया गया है।
इधर, मामले का संज्ञान लेते हुए मानवाधिकार आयोग ने प्रदेश सरकार और डीजीपी से जेल में हुई मौत पर रिपोर्ट तलब की है।
इस बीच मंगलवार को उन्नाव में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पीड़िता के पिता का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान पीड़िता के चाचा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वह अपनी भतीजी और भाई के साथ हुए अन्याय के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
उन्होंने कहा कि उनका परिवार भाजपा विधायक के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग को लेकर जल्द ही दिल्ली के जंतर मंतर पर धरने पर बैठेगा।
गौरतलब है कि सोमवार को भाजपा विधायक पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली पीड़िता के पिता की जेल में मौत हो गई थी। पीड़िता ने विधायक पर आरोप लगाने के साथ मुख्यमंत्री आवास पर एक दिन पहले रविवार को आत्मदाह का प्रयास किया था।
शिकायत ऊपर पहुंचते ही पीड़िता के पिता की मौत हो जाने से प्रदेश सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है। इस मामले में मुख्यमंत्री योगी ने सफाई देते हुए जल्द से जल्द जांच के आदेश दिए थे।
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