अलीगढ़, 8 मई (आईएएनएस)। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के कुलपति तारिक मंसूर ने हाल में परिसर में हुई हिंसक घटनाओं की एक न्यायिक जांच की मंगलवार को मांग की और प्रदर्शनकारी छात्रों पर ‘अत्यधिक बल’ प्रयोग की निंदा की।
हड़ताली विद्यार्थियों से अपने भविष्य को खतरे में नहीं डालने की अपील करते हुए मंसूर ने कहा कि उन्होंने न्यायिक जांच की मांग का समर्थन करके एएमयू समुदाय की सभी चिंताओं व भावनाओं को व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा, “किसी भी परिस्थिति में छात्रों को अपनी पढ़ाई में नुकसान नहीं उठाना चाहिए, खास तौर से जब परीक्षा नजदीक हो। मैं सभी छात्रों से शांति बनाए रखने और पूरे मन से अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने व अपने करियर में अच्छा प्रदर्शन करने की अपील करता हूं।”
मंसूर ने कहा, “मैं हमारे छात्रों का दुख समझता हूं।” उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में भर्ती घायल छात्रों से मिलकर उन्हें बहुत दुख हुआ।
कुलपति ने अपनी पत्नी के साथ आंदोलन स्थल का दौरा किया।
उन्होंने एक अपील में कहा, “प्रिय छात्रों कुछ ताकतों के जाल में नहीं फंसना चाहिए, जो हमारे शिक्षा संस्थान की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश में जुटी हैं और आपके उज्जवल भविष्य से खेल रही हैं।”
उन्होंने कहा कि चूंकि एएमयू एक मुश्किल दौर से गुजर रहा है, “मीडिया का एक वर्ग अधूरे तथ्यों के साथ विश्वविद्यालय की लगातार एक नकारात्मक छवि गढ़ने की कोशिश कर रहा है।”
उन्होंने कहा, “विभिन्न समूहों की तरफ से विश्वविद्यालय पर हमला, भावनाओं में बहे बगैर बौद्धिक प्रतिकार और वैचारिक कार्रवाई की मांग करता है।”
उन्होंने कहा, “मैं पहले ही हमारे छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग की निंदा कर चुका हूं, जिससे मौजूदा व पूर्व एएमयू छात्र संघ के पदाधिकारियों व दूसरे छात्रों को चोटें आई हैं।”
dharmpath.com dharmpath