धर्मशाला, 9 मई (आईएएनएस)। यूरोपीय संसद के सदस्यों ने तिब्बत के लोगों के लिए वास्तविक स्वायत्तता और दलाई लामा के दूतों और चीन सरकार के बीच वार्ता फिर से शुरू करने की वकालत की है।
केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) ने बुधवार को कहा कि यूरोपीय संसद के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में थॉमस मान, साबा सोगर व रामॉन ट्रेमोसा शामिल हैं। इस दल ने मंगलवार को निर्वासित तिब्बती संसद का दौरा किया।
सीटीए ने यूरोपीय संसद में तिब्बत हित समूह के अध्यक्ष मान के हवाले से कहा, “मुझे नहीं पता कि हम कोई सबसे मजबूत समर्थक हैं, लेकिन हम नियमित रूप से मिलते हैं। हर महीने हमारे पास तिब्बती मामलों के विशेषज्ञ और तिब्बत में प्रताड़ित व कैदी का जीवन जी चुके लोग आते रहते हैं।”
तिब्बतियों के कल्याण के लिए अपना समर्थन जताते हुए उन्होंने कहा कि उनके लिए मानवाधिकारों का पालन बहुत महत्वपूर्ण है और वे हमेशा यूरोपीय संघ में हर बार अपने एजेंडे में दबे-कुचलों के मानवाधिकारों को शामिल करने का प्रयास करते हैं।
उन्होंने कहा, “हम वास्तविक स्वायत्तता -मध्य मार्गी दृष्टिकोण का समर्थन करते हैं, जिसे केंद्रीय तिब्बती प्रशासन द्वारा अपनाया गया है और इसमें दलाई लामा के दूतों और चीन सरकार के बीच स्थगित वार्ता को फिर से शुरू करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।”
दलाई लामा के दूतों व चीन के बीच 2002 से तिब्बती मुद्दे को हल करने के लिए नौ चक्र की वार्ता हो चुकी है, लेकिन अबतक कोई बड़ी सफलता हासिल नहीं हुई है।
अंतिम वार्ता जनवरी 2010 में बीजिंग में हुई थी।
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