बांदा, 1 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की नरैनी कोतवाली क्षेत्र के बिल्हरका गांव में अवैध बालू भरे ट्रैक्टर को खेत से निकालने से मना करना एक किसान को महंगा पड़ गया। बालू कारोबार से जुड़े चार लोगों ने उस पर फावड़े से जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया है।
बांदा, 1 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की नरैनी कोतवाली क्षेत्र के बिल्हरका गांव में अवैध बालू भरे ट्रैक्टर को खेत से निकालने से मना करना एक किसान को महंगा पड़ गया। बालू कारोबार से जुड़े चार लोगों ने उस पर फावड़े से जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया है।
मामले में पुलिस ने सिर्फ एन.सी.आर. दर्ज की है।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रतिमा सिंह ने शुक्रवार को कहा कि बिल्हरका गांव के मजरा बोड़ा पुरवा में गुरुवार को ट्रैक्टर खेत से निकालने से रोकने पर किसान प्रताप केवट (35) और गांव के उत्तम सिंह, धीर सिंह, जयपाल सिंह व इन्द्रपाल के बीच मारपीट की घटना सामने आई है। मामले में किसान की तरफ से चारों लोगों के खिलाफ एन.सी.आर. संख्या-0080/2018 दर्ज की गई है।
पुलिस में दर्ज एन.सी.आर. में न तो फावड़े से हमला करने का जिक्र है और न ही अवैध बालू ढोने का उल्लेख किया गया है। इतना ही नहीं, घायल किसान ने पुलिस को लिखित तहरीर दी थी।
घायल किसान प्रताप केवट ने अपने वकील ओमप्रकाश सिंह के जरिए शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती पत्र में कहा कि गांव के उत्तम सिंह, धीर सिंह, जयपाल व इन्द्रपाल सिंह केन नदी से अवैध तरीके से बालू खनन कर उसके खेत से ट्रैक्टर-ट्रॉली निकाल कर फसल को नुकसान पहुंचाते हैं।
उसने पत्र में साथ ही कहा कि गुरुवार को वह अपने खेत से बने रास्ते को नष्ट करने गया था, जहां चारों लोगों ने उसका ही फावड़ा छीन कर उस पर जानलेवा हमला कर दिया। साथ ही उसका मोबाइल फोन छीन कर ले गए। इस घटना में उसके बाएं और दाहिने पैर व हाथ में काफी घाव हो गया है, चिकित्सकों ने कई टांके भी लगाए हैं।
प्रताप केवट ने नरैनी पुलिस पर बालू माफियाओं से मिले होने के कारण दी गई तहरीर के आधार पर प्राथमिकी न दर्ज करने का आरोप लगाया है।
पुलिस अधीक्षक शालिनी ने बताया कि मामले की जांच सीओ नरैनी को सौंप दी गई है और रिपोर्ट आने पर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।’
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