नई दिल्ली, 3 जुलाई (आईएएनएस)। कनाडा की राजधानी ओटावा के ‘कोकोनट लागून’ में कार्यकारी शेफ जोए थोट्टंगल का कहना है कि भारतीय रसाइये भारतीय भोजन के सच्चे दूत हैं और उन्हें इसे मुख्यधारा में लाने को लेकर संकोच नहीं करना चाहिए। थोट्टंगल का जन्म त्रिसूर में हुआ था।
थोट्टंगल ने एक ईमेल के जरिए आईएएनएस से कहा, “मेरा ध्यान हमेशा भारत के विभिन्न क्षेत्रीय व्यंजनों का प्रचार करने पर रहता है। मुझे लगता है कि सभी भारतीय शेफ भारतीय व्यंजनों के सर्वश्रेष्ठ दूत हैं और हमें अपने व्यंजनों को मुख्यधारा में लाने में संकोच नहीं करना चाहिए।”
उन्होंने कहा, “हम क्षेत्रीय व्यंजनों को पेश कर प्रत्येक क्षेत्र का प्रचार करते हैं और लोग जब उस खाने से एक बार जुड़ जाते हैं तो वे उन क्षेत्रों में जाने लगते हैं और व्यंजनों के लिए केरल की मेरी यात्राएं सर्वश्रेष्ठ उदाहरण हैं।”
थोट्टंगल को 2016 और 2017 में कनाडा का सर्वश्रेष्ठ शेफ सम्मान ‘गोल्ड मेडल प्लेट्स’ के तहत स्वर्ण और रजत पदक मिल चुका है। वह राजधानी में ‘क्राउन प्लाजा टुडे ओखला’ में छह जुलाई और सात जुलाई को दो दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं।
भारत में भोजन और पेय पदार्थ के क्षेत्र में वर्षो में आए बदलाव पर उन्होंने कहा, “मैंने भारत में इस क्षेत्र में पिछले 20 सालों में काफी बदलाव देखा है। लोग ज्यादा भोजन कर रहे हैं, इसके साथ पेय पदार्थ जोड़ रहे हैं और स्वस्थ भोजन कर रहे हैं।”
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