चीनी संस्थान के प्रमुख की दौड़ में भारतीय वैज्ञानिक

बेंगलुरू, 7 जुलाई (आईएएनएस)। भारत में पैदा हुए भू-भौतिक विज्ञानी परमेश बनर्जी चीन के शीर्ष वैज्ञानिक संस्थान, चाइना अर्थक्वेक एडमिनिस्ट्रेशन (सीईए) के प्रमुख के चार उम्मीदवारों में शामिल हैं। उम्मीदवारों में अन्य तीन लोग चीन के ही हैं।

बेंगलुरू, 7 जुलाई (आईएएनएस)। भारत में पैदा हुए भू-भौतिक विज्ञानी परमेश बनर्जी चीन के शीर्ष वैज्ञानिक संस्थान, चाइना अर्थक्वेक एडमिनिस्ट्रेशन (सीईए) के प्रमुख के चार उम्मीदवारों में शामिल हैं। उम्मीदवारों में अन्य तीन लोग चीन के ही हैं।

नान्यांग टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एनटीयू) में अर्थ ऑबर्वेटरी ऑफ सिंगापुर के तकनीकी निदेशक बनर्जी ने ईमेल के जरिए बताया, “अभी अंतिम सूची जारी नहीं हुई है, लेकिन मैं प्रथम भारतीय के रूप में इस पद के उम्मीदवारों की सूची में शामिल होने से गौरवान्वित महसूस करता हूं।”

नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के निदेशक विनीत गहलौत ने आईएएनएस से कहा, “यह बड़ी खबर है।”

प्रख्यात भूकंप विज्ञानी और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के पूर्व सचिव हर्ष गुप्ता ने कहा, “भारत में जीपीएस माप की शुरुआत करने वाले गिने-चुने लोगों में परमेश शामिल हैं। उन्होंने 2004 में सुमात्रा-अंडमान में आए जबरदस्त भूकंप के दौरान कहा था कि उससे 2,500 किलोमीटर की दूरी तक भारी असर हो सकता है, जोकि जीपीएस से आंका गया था। वर्ष 2017 में एशियाई भूकंप विज्ञान आयोग के अध्यक्ष चुने गए बनर्जी ने बहुत कम समय में काफी प्रभाव जमाया है।”

गुप्ता ने कहा, “एशियाई क्षेत्र में जहां प्राकृतिक आपदा से होने वाली मौत में 80 फीसदी मौत भूकंप से होती है, वहां भूकंप को लेकर समाज में लचीलापन अत्यंत आवश्यक है।”

उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि परमेश बनर्जी का चयन होने पर इन समस्याओं का समाधान होगा।”

धनबाद स्थित इंडियन स्कूल ऑफ माइंस के छात्र रहे बनर्जी ने अमेरिका के कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में अपनी सेवाएं प्रदान की हैं। वर्ष 2009 में सिंगापुर के एनटीयू जॉइन करने से पहले वह देहरादून स्थित वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी में कार्यरत थे।

उन्हें हिमालयन टेक्टोनिक्स पर कार्य करने के लिए 2009 में इंडियन जियोसाइंसेस अवार्ड प्रदान किया गया था। बतौर ईओएस के तकनीकी निदेशक बनर्जी ने सात एशियाई देशों में जियोडेटिक और सिस्मोलॉजिकल इंस्ट्रमेंटेशन नेटवर्क स्थापित करने की जिम्मेदारी निभाई है।

बनर्जी ने आईएएनएस को बताया कि दुनिया में एशिया को भूकंप का सबसे ज्यादा खतरा है, फिर भी यहां भूकंप की विपदा से निपटने की तैयारी सबसे कम है।

उन्होंने कहा, “मेरा उद्देश्य एक समान मंच बनाने का है, जिससे भूकंप की आपदा से निपटने के लिए सिस्मिक रिसर्च में एशियाई देशों के बीच सहयोग को प्रोत्साहन मिल सके।”

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