मुंबई, 11 जुलाई (आईएएनएस)। समलैंगिक ब्यूटी क्वीन निताशा बिस्वास ‘डेटिंग इन द डार्क’ शो के साथ टेलीविजन पर अपने पदार्पण के लिए तैयार हैं।
निताशा का कहना है कि भारत में समलैंगिक महिलाओं के लिए बहिष्कार जैसी स्थिति उनके जीवन का हिस्सा हैं।
निताशा ने बयान में कहा, “भारत में समलैंगिक महिलाओं के लिए अस्वीकृति उनके जीवन का हिस्सा होती हैं। हमने कार्यस्थल, दोस्तों, परिवारों और अपने खास लोगों से बहिष्कार की स्थिति का सामना किया है। मेरा मानना है कि प्यार में लिंग का कोई मतलब नहीं होता और इसी के कारण मैंने खुद पर भरोसा करना सीखा है। मैं अपने ऐसे जीवनसाथी को जरूर ढूंढूगी, जो किसी चीज की परवाह किए बगैर मुझे अपनाएगा।”
निताशा का जन्म एक लड़के के रूप में बंगाली परिवार में हुआ था। वह अपने प्यार की तलाश में टेलीविजन जगत में कदम रख रही हैं।
केवल 22 साल की उम्र में लिंग परिवर्तन के लिए उनका ऑपरेशन हुआ था और 26 साल की उम्र में उन्होंने समलैंगिक ब्यूटी क्वीन का खिताब जीता था और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
इस शो में उनके अनुभव के बारे में निताशा ने कहा, “मेरा अनुभव काफी अच्छा रहा। मैं दो बार डेट पर गई, लेकिन प्यार को नहीं ढूंढ पाई। हालांकि, मैं खुश हूं कि मैं अपनी दूसरी डेट को अपने जीवन के सफर के बारे में बता पाई। मैंने यह टेलीविजन पर बिना किसी झिझक के किया। मुझे इसके लिए काफी हिम्मत जुटानी पड़ी।”
dharmpath.com dharmpath