भारतीय सिनेमा को रूढ़िवादी विचारधारा के खिलाफ लड़ना चाहिए : ‘सोनी’ के निर्देशक

मुंबई, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। हिंदी फिल्म ‘सोनी’ बनाने वाले निर्देशक इवान आयर का मानना है कि भारतीय सिनेमा को रुढ़िवादी विचारधारा को तोड़ना चाहिए।

फिल्म ‘सोनी’ दिल्ली में लगातार बढ़ रहे यौन हिंसा को रोकने की काशिश कर रही एक महिला पुलिसकर्मी पर आधारित है।

‘सोनी’ 20वें जियो एमएएमआई मुंबई फिल्म फेस्टिवल विथ स्टार में ऑक्सफैम बेस्ट फिल्म ऑन जेंडर इक्वालिटी के लिए चुनी गई नौ फिल्मों में शामिल है।

आयर ने एक बयान में कहा, “एक बार आपने किरदार को मानव के रूप में स्थापित कर दिया तो रूढ़िवादी विचारधारा को तोड़ना मुश्किल नहीं। दिक्कत यह है कि जब हम एक रूढ़िवादी विचार को तोड़ने की कोशिश करते हैं तब दूसरी बना देते हैं। भारतीय सिनेमा को लड़कर खुद में मौजूद ऐसी विचारधाराओं को तोड़ने की जरूरत है।”

इस फिल्म में सलोनी बत्रा और गीतिका विद्या ओहल्यान भी काम कर रही हैं।

आयर ने कहा, “सोनी के जरिए यह समझने की कोशिश की गई है कि एक महिला पुलिसकर्मी शहर में हो रही यौन हिंसा के प्रति कितना गुस्सा महसूस करती है लेकिन उसी समय वह अपनी कानूनी जिम्मेदारी के तले भी दबी हुई है। उन्हें अपनी व्यक्तिगत भावनाओं पर संयम रखना है।”

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