अगरतला, 13 नवंबर (आईएएनएस)। त्रिपुरा में भारत-बांग्लादेश ‘बॉर्डर हाट’ में कुछ लोगों ने व्यापार को बाधित किया हुआ है, जिसके कारण अधिकारियों को पुलिस से सीमा बाजार में विक्रेताओं को प्रवेश करने से रोकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
सिपाहीजाला जिले के अतिरिक्त जिलाधिकारी (एडीएम) सुरेश चंद्र दास ने आईएएनएस को बताया, “कुछ लोग कथित रूप से लाइसेंसधारक विक्रेताओं को कमलासागर ‘बॉर्डर हाट’ में प्रवेश करने से रोक रहे हैं। मैंने व्यक्तिगत तौर पर कमलासागर सीमा बाजार का दौरा किया है और पुलिस से उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है, जो इस तरह का संकट पैदा कर रहे हैं।”
दास ने कहा कि भारतीय पक्ष के 25 विक्रेताओं में से केवल दो दुकानदारों ने ही रविवार को अपनी दुकान खोली। दास कमलासागर ‘बॉर्डर हाट’ प्रबंधन समिति के सह-अध्यक्ष भी हैं।
एडीम ने कहा, “मैंने पुलिस अधिकारियों से कहा है कि जबतक नए विक्रेताओं के नामों को अधिकारियों द्वारा मंजूरी नहीं दे दी जाती, तबतक पुराने विक्रेताओं को बाजार में व्यापार करने की इजाजत दे दी जाए।”
मौजूदा विक्रेताओं ने मीडिया को बताया कि सत्तारूढ़ दल द्वारा समर्थित कुछ लोग लाइसेंसधारक विक्रेताओं को 28 अक्टूबर से अपना व्यापार चलाने से रोक रहे हैं। इन लाइसेंसधारक विक्रेताओं को पिछली वाम मोर्चा सरकार के दौरान तीन साल के लिए चुना गया था।
भारतीय विक्रेता श्यामलाल कर ने कहा, “जब से भारतीय विक्रेताओं को अपनी दुकानें नहीं खोलने दी जा रही है, तब से बांग्लादेशी विक्रेता और खरीदार भी बाजार आने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।”
‘बॉर्डर हाट’ में भारत और बांग्लादेश के 25-25 विक्रेताओं को बिना किसी कर और ड्यूटी के अपने स्थानीय उत्पाद बेचने की इजाजत है।
बांग्लादेश और भारत ने त्रिपुरा और मेघालय में अभी तक चार ‘बॉर्डर हाट’ स्थापित कर रखे हैं।
dharmpath.com dharmpath