भोपाल-लोकसभा और राज्यसभा के 146 सांसदों के निलंबन के विरोध में कांग्रेस देशभर में धरना प्रदर्शन कर रही है। शुक्रवार को मध्य प्रदेश के भी सभी जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर दिखे। राजधानी भोपाल में भी पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। इस दौरान वरिष्ठ नेता अरुण यादव, पीसी शर्मा, विधायक हेमंत कटारे समेत तमाम नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर आयोजित इस प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि
विधानसभा और लोकसभा लोकतंत्र के मंदिर हैं। इसमें जनता की समस्याओं के समाधान को लेकर सवाल होते हैं। भाजपा ने इस ताकत को चकनाचूर किया है। इस अहसास को मैं जी सकता हूं। पिछले सत्र में मुझे जिस तरह से निलंबित किया गया, वह एक उदाहरण है। ये तानाशाही है। जिस तरह संसद के मौजूदा सत्र में करीब 150 सांसदों को निलंबित किया गया, वह लोकतंत्र की हत्या नहीं तो और क्या है।
पटवारी ने ईवीएम की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र का अनुसरण पूरी दुनिया करती है। सत्तापक्ष और विपक्ष देश की उन्नति के लिए दो पटरियां हैं। आज भारत की चुनाव प्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। ईवीएम को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जो देश ईवीएम का ईजाद किये, उन्होंने ही इसे त्याग दिया। अब तो दलबदल कानून का भी कोई मतलब नहीं है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव ने कहा केंद्र सरकार लोकतंत्र की हत्या करने की कोशिश लगातार करती रही है। जनहित की बात करने पर 142 सांसदों को सदन से बर्खास्त कर दिया जाता है। देश में हिटलरशाही चल रही है, बोलने की आज़ादी को छीना जा रहा है। देश को लोकतंत्र को बचाने के लिए कांग्रेस ने हमेशा लड़ाई लड़ी है, आगे भी यह लड़ाई लड़ती रहेगी। मायूस ना हों यह वक्त है, यह भी गुजर जाएगा। 2024 में हम एक नई इबारत लिखेंगे।
इस दौरान उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने कहा कि मध्य प्रदेश केंद्र शासित प्रदेश बनने की ओर बढ़ चुका है। हमने स्पीकर पद के लिए समर्थन किया। डिप्टी स्पीकर पद की मांग की तो भाजपा नेताओं ने कहा, दिल्ली से बात करनी होगी। डॉ. मोहन यादव जी ज्यादा खुश ना हों, इस सरकार का रिमोट भी दिल्ली के पास है।
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