इंदौर- इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों का मामला अब सियासी रूप ले चुका है। नगर निगम और राज्य सरकार की कथित लापरवाही के खिलाफ कांग्रेस ने शहर के ऐतिहासिक राजबाड़ा पर बड़ा धरना किया है। इस विरोध प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्म, चिंटू चौकसे समेत कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। राजबाड़ा पर जमा भीड़ ने इस मामले को प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि सिस्टम की विफलता करार दिया है।
धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा कि जब तक पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिलता तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कांग्रेस ने सरकार और नगर निगम के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं भी रखी हैं। इनमें दूषित पानी से जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के परिजन को एक करोड़ रुपये का मुआवजा, पीड़ित परिवार के कम से कम एक सदस्य को सरकारी नौकरी और इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या की धारा 304 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाने की मांग शामिल हैं। विपक्ष का आरोप है कि इतने बड़े जनहानि कांड के बावजूद प्रशासन अब तक जिम्मेदारी तय करने से बच रहा है।
dharmpath.com dharmpath