नई दिल्ली-सीबीआई नीट पेपर लीक मामले की जांच के दौरान अब इस केस में गिरफ्तार तीन आरोपियों की संपत्तियों की भी जांच कर रही है. जांच एजेंसी को शक है कि आरोपियों ने पेपर लीक रैकेट से कमाए गए पैसों से कई संपत्तियां खरीदी हैं. अधिकारियों के मुताबिक, सीबीआई इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यही आरोपी 2024 में सामने आए कथित नीट पेपर लीक मामले में भी शामिल थे. एजेंसी दोनों मामलों के बीच संबंधों की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या एक ही गिरोह लंबे समय से इस रैकेट को चला रहा था. इस मामले में पुणे के कई प्रोफेसर भी जांच के दायरे में आ सकते हैं. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, कुछ शिक्षकों से पूछताछ की जा सकती है और उनकी भूमिका की जांच की जा रही है.
सीबीआई इस पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों की पहचान करने में जुटी है. सोमवार को सीबीआई ने पुणे की बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मंधारे और फिजिक्स लेक्चरर मनीषा हवलदार से जुड़े ठिकानों पर फिर से छापेमारी की. जांच एजेंसी को उम्मीद है कि तलाशी अभियान और जब्त दस्तावेजों की जांच से मामले में अहम सुराग मिलेंगे. फिलहाल सीबीआई इस पूरे नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेनदेन, संपत्तियों और सहयोगियों की गहन जांच कर रही है.
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