लन्दन-UK ने भारत की कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग स्कीम (CCTS) को अपने कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) के तहत मान्यता दे दी है।इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा यह है कि भारतीय एक्सपोर्टरों को एक ही कार्बन उत्सर्जन पर भारत में चुकाई गई कार्बन कीमत और UK में लगने वाले CBAM का दोहरा बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।
UK ट्रेजरी ने भारत की CCTS को ऐसे कार्बन प्राइसिंग मैकेनिज्म के तौर पर मान्यता दी है, जो UK के CBAM नियमों के तहत राहत के लिए पात्र हो सकता है। इसकी जानकारी UK ट्रेजरी ने भारत के ऊर्जा मंत्रालय के तहत आने वाले ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE) को दी है। इसका मतलब यह है कि पात्र भारतीय सामान के लिए भारत में पहले से चुकाई गई प्रभावी कार्बन कीमत को UK में लगने वाली CBAM देनदारी से राहत के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा।
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