अखिलेश ने किया आत्याधुनिक पुलिस कंट्रोल रूम का शुभारंभ

लखनऊ, 12 अप्रैल (आईएएनएस/आईपीएन)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ पुलिस को स्मार्ट बनाने के लिए रविवार को एक आत्याधुनिक पुलिस कंट्रोल रूम का शुभारंभ किया। साथ ही चार पुलिसिंग योजनाओं का शुभारंभ भी किया।

लखनऊ, 12 अप्रैल (आईएएनएस/आईपीएन)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ पुलिस को स्मार्ट बनाने के लिए रविवार को एक आत्याधुनिक पुलिस कंट्रोल रूम का शुभारंभ किया। साथ ही चार पुलिसिंग योजनाओं का शुभारंभ भी किया।

मुख्यमंत्री ने ‘आधुनिक सुविधाएं अब होंगी पास, लखनऊ की सुरक्षा होगी खास’ थीम पर आधारित सीसीटीवी-सिटी सर्विलांस प्रोजेक्ट ‘दृष्टि’, नागरिक सीसीटीवी प्रोजेक्ट ‘नजर-एक उम्मीद’, ड्रोन कैमरा-एरियल सर्विलासं प्रोजेक्ट और विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ)-सामुदायिक पुलिसिंग नामक चार योजनाओं का भी शुभारंभ किया।

अखिलेश ने कहा कि भ्रष्टाचार को खत्म करने और काननू-व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अधिक से अधिक टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया जा रहा है। जनता का सहयोग मिलता रहा तो पुलिस को मदद मिलेगी और कानून व्यवस्था भी बेहतर हो रही है। उन्होंने कहा कि ‘डायल 100’ प्रदेश की जनता के बहुत काम आने वाली है। जनता का सहयोग मिलता रहा तो पुलिस को मदद मिलेगी और कानून व्यवस्था भी बेहतर होगी।

उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार हमेशा लोगों की सुरक्षा की पक्षधर हैं। जब लोगों को पता चलता है कि आप कैमरे की नजर में हैं, तो उसका व्यवहार बदल जाता है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय बहुत बेहतर होगा।

गोमतीनगर स्थित मार्डन कंट्रोल रूम में इस प्रोजेक्ट के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री को ड्रोन कैमरा उड़ा कर दिखाया गया। इसके बाद संगीत नाटक अकादमी ने पुलिस आधुनिकीकरण पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बतौर मुख्य अतिथि शामिल थे।

कार्यक्रम में राजधानी में तैनात सैकड़ांे स्पेशल पुलिस आफिसर मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने राजधानी पुलिस के 14 स्पेशल पुलिस आफिसर को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित भी किया।

इस दौरान प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडा ने कहा कि सरकार ने डायल 100 की सफलता के लिए 300 करोड़ रुपये दिए हैं।

पांडा ने कहा कि राज्य में पुलिस की कमी है। फिलहाल यहां 1,34,000 पुलिसकर्मी हैं, जबकि यूपी में तीन लाख पुलिस की जरूरत है। ऐसे में एक लाख 70 हजार पुलिसकर्मियों की कमी है। अगले साल तक एक लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती की जाएगी। वहीं पुलिस को जनता के प्रति व्यवहार बेहतर करने के लिए ट्रेंड किया जा रहा है। सभी थानों में अगले एक वर्ष के अंदर उनके लॉकअप और हेड मोहर्रिर की सीट के पास सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।

इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन, कौशल विकास मंत्री अभिषेक मिश्र, समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी, मुख्य सचिव आलोक रंजन, प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडा, राजस्व परिषद के अध्यक्ष अनिल गुप्ता, डीजीपी एके जैन, एडीजी कानून-व्यवस्था मुकुल गोयल, एडीजी तकनीकी सेवा राजकुमार विश्वकर्मा, आईजी जोन जकी अहमद, डीआईजी रेंज आरके चतुर्वेदी, केजीएमयू के कुलपति डॉ. रविकांत मौजूद थे।

प्रमुख सचिव आलोक रंजन ने कहा कि मुख्यमंत्री हमेशा ही तकनीकी के पक्षधर हैं। इसलिए तकनीकी के जरिए लोगों की सेवा और मदद की जाए।

उन्होंने कहा कि एसपीओ अपने आप में बहुत बढ़िया प्रयोग है। इसके माध्यम से हम पुलिस और पब्लिक के बीच संवादहीनता को खत्म करेंगे। इसमें लखनऊ शहर में स्मार्ट सिटी सर्विलांस सिस्टम ‘दृष्टि’ के अंतर्गत 70 स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाने की व्यवस्था की गई है। इनमें पीटीजेड कैमरा-70, फिक्स्ड कैमरा-170, एएनपीआर कैमरा-40 और एक मोबाइल सर्विलांस वाहन होगा।

वहीं, ‘नजर एक उम्मीद’ नागरिक सिटी सर्विलांस योजना है, जिसमें लगभग पांच हजार कैमरे लखनऊ जिले में लगाए गए हैं। इसके अलावा ‘दृष्टि’ और नजर प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन के बाद लखनऊ देश का पहला सीसीटीवी शहर के रूप में स्थापित हो जाएगा। इससे पुलिस द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली हर गतिविधियों पर नजर रखने में सुविधा प्राप्त हो जाएगी, जोकि अपराध नियंत्रण के लिए बहुत ही प्रभावी रहेगी।

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