हैदराबाद, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। पिछले सप्ताह तेलंगाना में जिन पांच विचाराधीन कैदियों को पुलिस ने मार गिराया था, उनमें से एक के पिता ने घटना की सीबीआई जांच कराने के लिए उच्च न्यायालय से गुहार लगाई है।
वकार अहमद के पिता मोहम्मद अहमद ने बुधवार को हैदराबाद उच्च न्यायालय में अर्जी दायर कर तेलंगाना सरकार को सीबीआई से जांच कराने का निर्देश देने की मांग की है।
अपनी अर्जी में मोहम्मद अहमद ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनके बेटे तथा चार अन्य की नृसंशता पूर्वक हत्या कर दी। उन्होंने दलील दी है कि इस घटना के संबंध में 17 पुलिसकर्मियों के खिलाफ सात अप्रैल को प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराई गई।
अहमद ने कहा है कि नलगोंडा जिले के अलेर थाने में उन्होंने शनिवार को शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया।
दो पुलिसकर्मियों की हत्या में आरोपी वकार और चार अन्य को एक पुलिस दल ने अलेर के समीप सात अप्रैल को मार गिराया था। सभी आरोपियों को वारंगल केंद्रीय कारा से हैदराबाद लाया जा रहा था।
पुलिस ने दावा किया है कि पुलिसकर्मी विचाराधीनों की निगरानी कर रहे थे और आरोपी पुलिस का हथियार छीनकर फरार होने की फिराक में थे।
मारे गए विचाराधीनों के परिवार के लोग और मानवाधिकार समूहों ने घटना को ‘फर्जी’ और ‘सोची समझी’ बताया है। उन्होंने कहा है कि चूंकि सभी विचाराधीन हथकड़ी में थे और पुलिस वाहन में सीट से बंधे थे तो ऐसे में उनके पास हथियार छीनने का कोई मौका नहीं था।
राज्य सरकार ने मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराने का आदेश दिया है, लेकिन संयुक्त मुस्लिम मंच ने इसे खारिज कर दिया है। मंच मामले की जांच सीबीआई से या उच्च न्यायालय के कार्यरत न्यायाधीश से कराने की मांग की है।
फोरम ने हैदराबाद में मंगलवार रात विरोध बैठक की जिसमें वकार एवं अन्य दो विचाराधीनों के वकील अब्दुल अजीम ने बैठक में कहा कि स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर एक अर्जी दायर की जाएगी।
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