वाशिंगटन, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। विख्यात भारतीय फिल्मकार सत्यजित रे की चर्चित फिल्म श्रंखला ‘द अपू ट्रिलॉजी’ फिर से नई हो गई है। इसे अब आठ मई को अग्रणी फिल्म वितरण कंपनी जानूस फिल्म्स की ओर से अमेरिका के सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा।
वाशिंगटन, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। विख्यात भारतीय फिल्मकार सत्यजित रे की चर्चित फिल्म श्रंखला ‘द अपू ट्रिलॉजी’ फिर से नई हो गई है। इसे अब आठ मई को अग्रणी फिल्म वितरण कंपनी जानूस फिल्म्स की ओर से अमेरिका के सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा।
वर्ष 1993 में हुए अग्निकांड में फिल्म की मूल नेगेटिव रील को बुरी तरह नुकसान पहुंचा था, ऐसे में उस हिस्से को दोबारा बनाना असंभव से कम नहीं था।
एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, नई तकनीक ने मूल नेगेटिव रील की मरम्मत को संभव बनाया।
‘द अपू ट्रिलॉजी’ एक छवित्रयी है। यानी इसमें तीन फिल्में-‘पथेर पांचाली’ (सान्ग ऑफ द लिटिल रोड), ‘अपराजितो’ (द अनवैंगक्विश्ड) और ‘अपूर संसार’ (द वर्ल्ड ऑफ अपू) हैं। यह आठ मई को न्यूयॉर्क शहर में दोबारा रिलीज होना शुरू होगी।
इसके बाद यह लॉस एंजेलिस, सैन फ्रांसिस्को, वाशिंगटन डीसी, फिलाडेल्फिया, बोस्टन, डेट्रॉयट और ह्यूस्टन में रिलीज होगी।
यह फिल्म लिखित भाषांतर के साथ गर्मियोंभर देश के शीर्ष सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी। ‘द अपू ट्रिलॉजी’ बांग्ला के सुप्रसिद्ध लेखक व उपन्यासकार विभूति भूषण बंद्योपाध्याय की दो किताबों पर आधारित है। फिल्म की शूटिंग पांच साल में पूरी हुई। यह जरूर देखी जाने वाली फिल्म मानी गई है।
फिल्म प्रेमी मार्टिन स्कोर्सीज ने ट्रिलॉजी को अपनी जिंदगी के कमाल के सिनेमाई अनुभवों में से एक बताया। वहीं, अकीरा कुरोसावा ने कहा, “सत्यजित रे की फिल्म कभी न देखना कभी सूरज व चांद न देखने जैसा है।”
वर्ष 1992 में सत्यजित रे को एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज के ऑनरेरी अवार्ड से सम्मानित किया गया था। इसके एक साल बाद यानी वर्ष 1993 में ‘द अपू ट्रिलॉजी’ सहित रे की अन्य फिल्मों को संजोकर रखने व उन्हें नया जीवन देने की पहल की गई।
dharmpath.com dharmpath