बेंगलुरू, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने बृहत बेंगलुरू महानगर पालिका (बीबीएमपी) के चुनाव पर शुक्रवार को रोक लगा दी।
न्यायालय ने एकल पीठ की ओर से राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) को दिए गए उस आदेश को दरकिनार कर दिया, जिसमें 30 मई को चुनाव कराने के लिए कहा गया था।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी.एच.वाघेला तथा न्यायमूर्ति राम मोहन रेड्डी की खंडपीठ ने संविधान के 74वें संशोधन के तहत राज्य सरकार से छह महीने तक चुनाव नहीं कराने को कहा।
नगर निकाय का कार्यकाल 22 अप्रैल को समाप्त हो रहा था, जिसके मद्देनजर, न्यायाधीश बी.वी.नागराथन ने एसईसी को 30 मई को चुनाव कराने का आदेश दिया था, जिसपर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने सात अप्रैल को एक पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी।
राज्य सरकार के वकील रविवर्मा कुमार ने पीठ को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उसके आदेश का पालन करेगी।
वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो पार्षदों, जो याचिकाकर्ता भी हैं, ने कहा कि नगर निकाय चुनाव को रोकने के खिलाफ अगले सप्ताह वे सर्वोच्च न्यायालय का रुख करेंगे।
वरिष्ठ वकील सज्जन पुवैया ने कहा, “नगर निकाय चुनाव को रद्द करना सर्वोच्च न्यायालय के उस फैसले के खिलाफ है, जिसमें ऐसे ही एक मामले में उसने फैसला दिया था कि कार्यकाल खत्म होने के ठीक बाद या पहले निर्वाचन आयोग स्थानीय निकाय का चुनाव करवा सकता है और यह 74वें संविधान संशोधन के अनुरूप है।”
राज्य सरकार ने वार्डो का परिसीमन, नगर निकाय का पुनर्गठन तथा कई वार्डो में 2011 की जनगणना के आधार पर विभिन्न कारणों से आरक्षण लागू नहीं होने का हवाला देते हुए चुनाव कराने के लिए और अधिक समय की मांग की।
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