पहला मामला राजधानी के पारा इलाके में स्थित कलंदरखेड़ा का है। यहां पर बलरामपुर के हरइयां निवासी मोहनलाल दूबे झोपड़ी बनाकर अपने परिवार के साथ रहते थे। मोहनलाल रिक्शा चलाकर जीवन यापन करता था। मंगलवार सुबह परिवार के सभी लोग झोपड़ी में सो रहे थे, तभी अचानक तेज बारिश और आंधी शुरू हुई। तेज बारिश के साथ मोहनलाल की झोपड़ी पर वज्रपात हुआ।
वज्रपात के कारण रिक्शा चालक मोहनलाल की पत्नी माया और बड़े बेटे दीपक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वह स्वयं और उसका छोटा बेटा विक्रम इसमें झुलस गए।
मामले की सूचना पाकर पारा पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आनन-फानन में घायल मोहनलाल को इलाज के लिए ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं मोहनलाल की पत्नी और बेटे के शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
दूसरा मामला गाजीपुर जिले के नोनहरा थाना क्षेत्र का है। यहां पर मंगलवार को आकाशीय बिजली गिरने से एक किशोर की मौत हो गई, जबकि एक वृद्धा समेत दो मासूम बुरी तरह झुलस गए। घटना क्षेत्र के पारा गांव की है।
बताया जा रहा है कि मंगलवार को आई तेज आंधी के बाद गांव में रहने वाले जगराम की 50 वर्षीय पत्नी उर्मिला देवी गांव के एक बाग में गिरे आम इकठ्ठा करने गई हुई थी। बाग में गांव के ही मनोज यादव की दो पुत्रियां अन्नू (8) और राधा (5) के साथ विनोद यादव का बेटा शुभम (12) भी आंधी में गिरे आम इकठ्ठा कर रहा था। इसी दौरान तेज आवाज के साथ वज्रपात हुआ।
वज्रपात की चपेट में आने से सभी बुरी तरह झुलस गए। उर्मिला सहित सभी बच्चों को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान शुभम ने दम तोड़ दिया।
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