कोलकाता, 8 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के ब्राह्मणबार गांव के एक घर में हुए विस्फोट की प्राथमिक जांच में पता चला है कि जिस घर में विस्फोट हुआ था वहां पर एक पटाखा फैक्ट्री थी और इस बात के कोई सबूत नहीं मिले हैं कि वहां पर बम का निर्माण किया गया था। इस विस्फोट में 12 लोगों की मौत हो गई थी।
पश्चिम बंगाल पुलिस के आपराधिक जांच विभाग के उप पुलिस निरीक्षक (संचालन) दिलीप अदक ने शुक्रवार को बताया, “प्राथमिक जांच में पता चला है कि यह एक पटाखा बनाने वाली फैक्ट्री थी। हमें वहां पर बड़े और छोटे पटाखे और उन्हें बनाने का सामान मिला है।”
जिन अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया था उन्होंने किसी भी घायल को छर्रा लगने की बात को खारिज किया। अदक ने कहा, “घटनास्थल पर एक भी छर्रा नहीं मिला।”
अदक ने बताया, “हमें पत्थर के छोटे-छोटे टुकड़े मिले थे जिनकी आवश्यकता पटाखा बनाने में पड़ती है।”
उन्होंने कहा कि कोलकाता स्थित केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला के विशेषज्ञों ने पहले ही घटनास्थल की जांच की थी और नमूने इकट्ठे किए थे। उन्होंने कहा, “वे जांच करेंगे और अपनी रपट सौपेंगे। इसके बाद हमें कुछ और जानकारी मिलेगी।”
उन्होंने कहा कि विस्फोट में मारे गए 12 लोगों में से 11 लोगों की एक घायल व्यक्ति ने पहचान कर ली है।
किराएदार राम मैती और उसकी पत्नी के अलावा सभी मुर्शिदाबाद जिले के सूती के रहने वाले हैं।
अदक ने कहा, “एक शव जलकर काला हो गया था जिसके कारण उसकी पहचान नहीं की जा सकी।”
गौरतलब है कि पश्चिम मिदनापुर जिले के पिंगला इलाके में स्थित ब्राह्मणबार गांव में बुधवार को एक घर में विस्फोट हो गया था।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस संबंध में सीआईडी जांच का आदेश दिया था। लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मांग की थी कि इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से कराई जाए। भाजपा का दावा था कि यह विस्फोट भी बर्दवान विस्फोट जैसा है।
ज्ञात हो कि पिछले साल दो अक्टूबर को बर्दवान में एक घर में बम विस्फोट हुआ था। इस विस्फोट में जमात उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश के दो आतंकवादियों की मौत हो गई थी, जबकि एक घायल हो गया था।
कांग्रेस ने भी इस मामले की एनआईए से जांच की मांग की थी।
पिंगला के स्थानीय निवासियों का कहना था कि इस घर का इस्तेमाल कच्चे बम बनाने में किया जाता था।
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